केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के अपने तीन दिवसीय दौरे के पहले दिन शनिवार को श्रीनगर में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक (amit shah kashmir visit) की अध्यक्षता की। अनुच्छेद 370 (Article 370) को निरस्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद जम्मू-कश्मीर की यह उनकी पहली यात्रा है।

राजभवन में आयोजित बैठक में (amit shah kashmir visit) अल्पसंख्यकों और गैर-स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा की गई। दरअसल हाल के दिनों में आतंकवादियों द्वारा नागरिकों की लक्षित हत्याएं (terrorist attack in jammu) की गई हैं। पिछले 15 दिनों में 11 नागरिक मारे जा चुके हैं। बैठक में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, नागरिक, सैन्य, अर्धसैनिक बलों और केंद्र शासित प्रदेश और केंद्र सरकार की खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा किए गए आतंकवाद रोधी और घुसपैठ रोधी उपायों पर भी चर्चा की गई। आतंकवादियों द्वारा नागरिकों की हत्याओं (terrorist attack in jammu) के बाद जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) (CAPF) की 50 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की जा रही हैं। तैनात किए जा रहे अतिरिक्त कर्मियों का इस्तेमाल मुख्य रूप से घाटी के शहरों और घनी आबादी वाले शहरों में सुरक्षा कड़ी करने के लिए किया जाएगा। साथ ही 2014 और 2018 में हटाए जाने के बाद श्रीनगर शहर में कई जगह एक बार फिर से बंकर बनाए गए हैं।