पूर्वोत्तर में भाजपा की अगुवार्इ वाली नेडा घटक मिजो नेशनल फ्रंट ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के उस दावे को खरिज कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि 2019 के आम चुनाव में अगर भाजपा जीतती है तो पार्टी अाने वाले पचास सालों तक भारत पर शासन करेगी। शाह के इस बयान पर पार्टी ने कहा, 'वे भगवान नहीं हैं आैर उनका यह बयान बस अतिश्योक्ति है। हालांकि मिजोरम की मुख्य विपक्षी पाटी एमएनएफ को उम्मीद है कि अगले साल हाेने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस या यूपीए केंद्र की सत्ता में नहीं आएगी।


मिजोरम के पूर्व मुख्यमंत्री जोरामथांगा ने समाचार एजेंसी को दिए गए एक साक्षात्कार में कहा कि भगवा पार्टी की हिंदुत्व छवि के कारण इस पर्वतीय राज्य में उनकी पार्टी भाजपा से कभी गठबंधन नहीं कर सकती है। अमित शाह के दावे के बारे में पूछे जाने पर उन्हाेंने कहा कि मुझे संदेह हैं, शाह कोर्इ भगवान नहीं है। वह राजनीति में भविष्यवाणी नहीं कर सकते हैं। उनका बयान बस उनकी अपनी सोच है।


जाेरामथांगा ने कहा कि 2019 के आम चुनाव में कांग्रेस केंद्र की सत्ता में नहीं आ रही हैं आैर कोर्इ ये भविष्यवाणी नहीं कर सकता है कि उन्हें अगली सरकार बनाने में कितने दशक लग सकते हैं। वह (शाह) यह भविष्यवाणी कर रहे हैं कि कांग्रेस सत्ता में नहीं आएगी लेकिन इसमें 50 साल या 100 साल लगेंगे यह भविष्यवाणी करना महज एक अतिश्योक्ति है। बता दें कि सितंबर में एक कार्यकारणी बैठक के दौरान शाह ने कहा था कि पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी मेहनत के कारण 2019 का चुनाव जीत जाएगी आैर फिर आने वाले पचास सालों तक इसे कोर्इ नहीं हटा सकता है।


एमएनएफ अौर भाजपा के बीच संबंध के बारे में बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह से भाजपा की विचारधारा के खिलाफ है। उन्हाेंने कहा कि क्योंकि हम र्इसार्इ हैं आैर वे हिदुत्व को बढ़ावा देते हैं। इन चीजों के कारण हम एक साथ नहीं रह सकते हैं। हमारी एक अलग विाचारधारा है। लेकिन जहां तक देश का संबंध है एनडीए, यूपीए से बेहतर है आैर इस वजह से हम केंद्र में उनके साथ शामिल हैं। लेकिन वैचारिक रूप से एमएनएफ, भाजपा से अलग है आैर यह भाजपा को अच्छी तरह से पता है।


गौरतलब है कि हाल ही में मिजोरम में हुए विधानसभा चुनाव में एमएनएफ ने सत्तारूढ़ कांग्रेस आैर भाजपा के खिलाफ अकेले 40 उम्मीदवार उतारे। कांग्रेस ने भी राज्य में 40 निर्वाचन क्षेत्रों पर उम्मीदवार उतारे जबकि भाजपा ने 39 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे। राज्य में 2008 से कांग्रेस सत्ता में है आैर तीसरी बार सत्ता में आने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है। 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 34 सीटें, एमएनएफ ने पांच सीटें आैर अन्य ने एक सीट जीती थी। राज्य में  40 सदस्यीय विधानसभा सीटों पर 28 नवंबर को मतदान हुआ, परिणाम की घोषणा 11 दिसंबर  को की जाएगी।