खरगोन। मध्यप्रदेश के हिंसाग्रस्त खरगोन जिला मुख्यालय पर आज कफ्र्यू में दो घंटे की ढील दी गयी। वहीं, खरगोन जिले के मंडलेश्वर थाना क्षेत्र के धरगांव में कथित संदिग्धों को देखे जाने को लेकर कल रात उपद्रव हो गया। खरगोन जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर मंडलेश्वर थाना क्षेत्र के धरगांव में दंगे के कथित आरोपियों के आने को लेकर उपद्रव हो गया। खरगोन रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक तिलक सिंह ने बताया कि धार्मिक स्थल से लौट रहे कुछ अनजान लोगों को देखकर ग्रामीणों द्वारा उन्हें घेर लिये जाने पर वे भाग कर अपने परिचित के मकान में जाकर छुप गए। इसी दौरान भीड़ बढ़ गई और उन्होंने मकान पर पथराव कर दिया। भीड़ को यह लग रहा था कि यह संदिग्ध खरगोन दंगों में संलिप्त हैं और पुलिस से बचने के लिए यहां आए हुए हैं। मंडलेश्वर पुलिस को सूचना मिलने पर थाना प्रभारी जगदीश गोयल के नेतृत्व में पुलिस बल वहां पहुंचा और उन्होंने मकान के बाहर जमा भीड़ को बल प्रयोग कर खदेड़ा। 

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इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोग वहां सरिए के ढेर पर गिर गए और घायल हो गए। इसी दौरान खरगोन जिला मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज चौरसिया पुलिस बल के साथ धरगांव पहुंच गए और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने पहले दो और उसके बाद तीन अन्य लोगों को उस मकान से सुरक्षित निकाला और खरगोन पुलिस को सौंप दिया। उन्होंने बताया कि उक्त पांचों लोग खरगोन से जरूर आए थे, लेकिन दंगों में फिलहाल उनकी संलिप्तता नहीं पाई गई है। उन्होंने बताया कि वह भयवश अपने परिवार के साथ स्थित रिश्तेदार के घर शरण लेने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने रात में ही बैठक कर ग्रामीणों में समन्वय स्थापित कराया।

ग्रामीणों ने भी आश्वस्त किया कि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति नहीं होगी। मडलेश्वर के थाना प्रभारी जगदीश गोयल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पथराव करने को लेकर कई अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि वीडियो फुटेज एवं अन्य माध्यमों से आरोपियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने बताया कि खरगोन से आए हुए लोगों की विधि एवं सूचना नहीं दिए जाने के चलते इस तरह की असहजता उत्पन्न हुयी। 

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पुलिस उपमहानिरीक्षक तिलक सिंह ने बताया कि खरगोन जिला मुख्यालय पर रामनवमी के जुलूस पर हुए पथराव के बाद हुई हिंसा को लेकर अभी तक 35 प्रकरण दर्ज किए गए हैं और इसमें 121 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वहीं बड़वानी जिले के हिंसाग्रस्त सेंधवा में अब तक 15 प्रकरण दर्ज कर 40 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील सेंधवा में एसएएफ की स्थाई बटालियन स्थापित किए जाने के लिए खरगोन में कैंप किए हुए पुलिस महा निरीक्षक राकेश गुप्ता समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की जा रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल खरगोन जिला मुख्यालय और बड़वानी जिले के सेंधवा में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखा गया है। खरगोन की जिला कलेक्टर अनुग्रह पी ने बताया कि जिला प्रशासन ने प्रबुद्ध जनों की बैठक के उपरांत कफ्र्यू में 2 घंटे की छूट देते हुए आज 10 से 12 बजे तक महिलाओं को बिना वाहन बाजार जाने की अनुमति प्रदान की। इस दौरान उन्हें किराना, दूध, फल, सब्जी और दवाइयों को खरीदने की छूट थी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से महिलाओं ने आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी की। 


खरगोन में स्थिति नियंत्रण में

मध्यप्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने आज बताया कि हिंसा प्रभावित खरगोन में अब स्थिति नियंत्रण में है। डॉ. मिश्रा ने अपने बयान में कहा कि हिंसा के संबंध में अब तक 105 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 90 को जेल भेजा गया है। सोशल मीडिया पर कुछ भ्रामक खबरों संबंधित समाचार मिलने के बाद समस्त प्रदेश के एसपी को तत्काल वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अफवाह फैलाने वाले या कूटरचित वीडियो पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन को आने वाले त्योहारों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए गए हैं।