उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से सटे भारत नेपाल बॉर्डर की ‘नो मैंस लैंड’ जमीन पर नेपाल ने अचानक अवैध रूप से सड़क निर्माण चालू कर दिया था, जिसे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर रुकवा दिया है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया भारत नेपाल बॉर्डर की ‘नो मैंस लैंड’ जमीन पर नेपाल ने अचानक अवैध रूप से सड़क निर्माण चालू कर दिया था। 

उन्होंने पुलिस व एसएसबी के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर सड़क निर्माण कार्य को रुकवा दिया है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन व पुलिस के अधिकारी एसएसबी के डीआईजी और फोर्स के साथ सीमा क्षेत्र में निरीक्षण को गए थे। सूचना मिली थी कि इंडो नेपाल बॉर्डर पर पीलीभीत के टाटरगंज गांव के पास पिलर संख्या 38 के नजदीक नो मेंस लेंड पर नेपाल की तरफ से सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।

तय हुआ है कि जल्द ही दोनों तरफ के अधिकारियों के बीच बैठक की जाएगी, तब तक कोई निर्माण का काम नहीं होगा। उन्होंने बताया कि पीलीभीत के थाना हजारा क्षेत्र से सटा नेपाल का कंचनपुर जिला है। इसके बीच में नोमैन्स लैंड है। कुछ समय पहले पिलर संख्या 39 टूट गया, जिसका सर्वे होकर दुबारा निर्माण होना है। जिस जगह पिलर है, ये सड़क वहीं पर बनाई जा रही थी।

अब सर्बे टीम मौके पर पहुंचकर अपनी रिपोर्ट देगी, उसी के आधार पर सीमा पर पिलर का निर्माण कार्य कराएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि उनके साथ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश, एसएसबी के डीआईजी एचएनएस बिष्ट तथा एसएसबी के जवान थे। यहां पर नेपाल के अधिकारियों से भी चर्चा हुई। इसमे नेपाल की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्य को फिलहाल रुकवा दिया गया है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के पीलीभीत का एक भाग नेपाल से भी जुड़ता है। पीलीभीत के भारत-नेपाल बॉर्डर के बीच ‘नो मैंस लैंड’ है। थाना हजारा क्षेत्र के कंपोज नगर के 49वीं वाहिनी एसएसबी की टीला नंबर चार कंपनी कैंप क्षेत्र में अचानक नेपालियों ने हूलाली राजमार्ग पर नेपाल के पचवी गांव के किनारे भारत-नेपाल पिलर 38 से 39 के बीच राघव पुरी गांव के किनारे सीमा पर सडक़ निर्माण शुरू कर दिया था।