भारतीय वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) के दीक्षांत समारोह में नागालैंड के छात्र आलमवापांग टी. एमथेन ने सर्वाधिक अंकों के साथ गोल्ड मेडल जीतकर अपने राज्य की शान बन गए हैं। एमेथन नागालैंड के अकेले एेसे छात्र हैं जिन्हाेंने इस समारोह में गोल्ड के साथ चार अन्य कैटेगिरी में सिल्वर मेडल भी जीता। नागालैंड के आलमवापांग टी.के अलावा महाराष्ट्र के 11, गुजरात के आठ प्रशिक्षणार्थी अधिकारी को एमथेन मुख्य अतिथि वन महानिदेशक सिद्धांत दास ने उपाधि देकर सम्मानित किया। टी. एमथेन के अलावा महाराष्ट्र की दो छात्राओं और एक छात्र को सिल्वर मेडल दिए गए।


एफआरआइ में राज्य वन सेवा अधिकारी प्रशिक्षणार्थियों के सत्र 2016-18 में सात महिलाओं समेत कुल 20 प्रशिक्षणार्थियों को उपाधि दी गई। इनमें आलमवापांग टी. एमथेन ने सर्वाधिक अंकों के साथ न केवल गोल्ड मेडल प्राप्त किया। बल्कि, ऑल राउंडर ऑफिसर, फॉरेस्ट मैनेजमेंट एंड वर्किंग प्लान, प्रोफेसनरी इन इकोलॉजी व आरसी कौशिक पुरस्कार सहित चार कैटेगिरी में सिल्वर मेडल भी जीता।


प्रोफेशनरी इन इकोलॉजी कैटेगिरी में महाराष्ट्र की मणिशंकर प्रिया राजेंद्र, प्रोफेशनरी इन सॉयल कन्जर्वेशन एंड लैंड मैनेजमेंट में महाराष्ट्र के ही रहने वाले लखमावाद श्रीनिवास लिंगला और वन संरक्षण व जनजाति कल्याण के क्षेत्र में महाराष्ट्र की टेकाले मुक्ता विश्वनाथ को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया।


भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद के महानिदेशक डॉ. एससी गैरोला ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने बताया कि दो वर्षीय इंडक्शन पाठ्यक्रम 20 अधिकारी प्रशिक्षणार्थियों ने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया है। उपाधि लेने वालों में 20 में से सात महिलाएं शामिल रहीं।