अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका को विश्व स्वास्थ्य संगठन से अलग कर लिया है। अमेरिकी सांसद बॉब मेनेंडेज ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, कांग्रेस को राष्ट्रपति कार्यालय से यह जानकारी मिली है कि अमेरिका कोरोना महामारी के बीच डब्ल्यूएचओ से आधिकारिक तौर पर अलग हो गया है। 

उन्होंने कहा कि महामारी के बीच ट्रंप का यह निर्णय अमेरिका को अलग-थलग कर देगा। उल्लेखनीय है कि  ट्रंप ने डब्ल्यूएचओ पर आरोप लगाते हुए कहा था कि संगठन पूरी तरह से चीन के नियंत्रण में है और अमेरिका इससे अपना नाता तोड़ रहा हैं। ट्रंप ने डब्ल्यूएचओ पर कोरोना वायरस के रोकथाम को लेकर सही जानकारी नहीं देने का भी आरोप लगाया था। 

ट्रंप ने अप्रैल में डब्लूएचओ को दिए जाने वाली अपनी सहायता राशि पर रोक लगा दी थी और कहा था कि संगठन अगर 30 दिनों के भीतर कोई सुधार नहीं करता है तो अमेरिका हमेशा के लिए डब्ल्यूएचओ को दिए जाने वाली सहायता राशि पर रोक लगा देगा। इसके बाद मई में ट्रंप ने हालांकि पुष्टि करते हुए कहा था कि अमेरिका डब्ल्यूएचओ से हट रहा है और संगठन को दिए जाने वाली सहायता राशि वैश्विक स्वास्थ्य जरूरतों के लिए दी जायेगी। 

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि चीन डब्ल्यूएचओ को एक साल में 40 मिलियन डॉलर देने के बावजबूद अपने नियंत्रण में रखता है, जबकि अमेरिका एक साल में डब्ल्यूएचओ को करीब 450 मिलियन डॉलर का अनुदान देता है। ट्रंप ने इसके अलावा डब्ल्यूएचओ पर कोरोना वायरस को पहचानने में विफल होने का आरोप लगाया था और चीन का साथ देने को लेकर आलोचना भी की थी।