नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपे जाने की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर नाराजगी जाहिर की है। 

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, सिद्धू को प्रमोशन दिए जाने की संभावनाओं पर आपत्ति जाहिर करते हुए पंजाब के सीएम ने लेटर में कहा है कि यदि पार्टी के पुराने नेताओं को नजरअंदाज किया गया तो आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन पर बुरा असर हो सकता है।

अमरिंदर ने सोनिया गांधी को यह लेटर ऐसे समय में लिखा है, जब हाईकमान सिद्धू को पंजाब कांग्रेस की कमान देने का फैसला कर चुका है। राज्य के पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के पंजाब प्रभारी हरीश रावत भी इस बैठक में मौजूद थे।

बैठक के बाद रावत ने कहा कि सोनिया गांधी ने इस मुद्दे पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है और जब फैसला हो जाएगा तब वह मीडिया के साथ इसे साझा करेंगे। सूत्रों का कहना है कि रावत अब पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से मुलाकात कर सकते हैं ताकि उन्हें मनाया जा सके और सुलह के फार्मूले को अंतिम रूप दिया जा सके।

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से पंजाब कांग्रेस में खुलकर कलह देखने को मिल रही है। पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और कुछ अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। वहीं, कैप्टन साफ कह चुके हैं कि अगला चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री नहीं चाहते कि श्री सिद्धू को उनके बराबर बैठा दिया जाए। वह न तो प्रदेश अध्यक्ष पद और ना ही चुनाव प्रचार कमेटी का जिम्मा सिद्धू को दिए जाने के पक्ष में नहीं हैं।

पार्टी में कलह को दूर करने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। इस समिति ने मुख्यमंत्री समेत पंजाब कांग्रेस के 100 से अधिक नेताओं की राय ली और फिर अपनी रिपोर्ट आलाकमान को सौंपी। पिछले दिनों अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। सिद्धू भी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मिले थे।