फिटकरी (Alum) बहुत ही अच्छा तत्व है। यह लाल व सफ़ेद दो प्रकार की होती है। यह कई तरह की चीजों में काम आती है। सेहत की बात करें तो यह सबसे ज्यादा बावासीर (hemorrhoids) के इलाज में काम आती है। बता दें कि सफ़ेद फिटकरी का प्रयोग बवासीर में ज्यादा किया जाता है। इसका बवासीर में काम सिकुड़न पैदा करना होता है। किसी घाव को जल्दी भरने के लिए भी फिटकरी का उपयोग किया जाता है।


बवासीर (hemorrhoids) में फिटकरी का उपयोग-    एक गिलास पानी में आधा चम्मच पिसी हुई फिटकरी (Alum) मिलाकर प्रतिदिन गुदा को धोयें तथा साफ कपड़े को फिटकरी के पानी में भिगोकर गुदे पर रखने से लाभ होता है
    खूनी बवासीर का इलाज करने के लिए एक चम्मच शहद में दो चुटकी फिटकरी (Alum) मिलाएं और सेवन करें। इस नुस्खे को दिन में दो बार खाना खाने के बाद आजमाएं।
    फिटकरी और केले से बवासीर का इलाज किया जा सकता है। पेट खाली हो जाने के बाद एक केला खाएं और थोड़ी देर बाद फिटकरी (Alum) एवं शहद का सेवन करें। यह नुस्खा कब्ज दूर करता है और खूनी बवासीर (hemorrhoids) की नसों को शांत करता है।
    10 ग्राम फिटकरी को बारीक पीसकर इसके चूर्ण को 20 ग्राम मक्खन के साथ मिलाकर बवासीर के मस्सों पर लगाने से मस्से (wart) सूखकर गिर जाते हैं।