नई दिल्ली। इस समय दुनिया में सबसे ज्यादा मौतें हार्ट अटैक की वजह से होती हैं। इसके लिए जो भी इलाज उपलब्ध हैं, वे या तो बहुत महंगे हैं या लोगों की पहुंच से बाहर हैं। स्थिति सालों से यही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2020 में ये चेतावनी दी थी कि हृदय रोग की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

बायोटेक कंपनी वर्व थेराप्यूटिक्स के पास इस समस्या का समाधान है। इनका कहना है कि खराब कोलेस्ट्रॉल को बनने से रोकने के लिए, मानव जीनोम को बदलना अच्छा तरीका हो सकता है। कंपनी के सीईओ शेखर काथिरेसन का कहना है कि यह दिल की बीमारियों का परमानेंट सॉल्यूशन हो सकता है।

यह भी पढ़ें : भारतीय मुक्केबाजों के लिए मिला-जुला ड्रॉ, पहले दिन लवलीना ने की अभियान की शुरूआत

ब्लूमबर्ग में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्व थेराप्यूटिक्स को गूगल वेंचर्स से समर्थन मिला है। शेखर काथिरेसन का कहना है कि हम संभावित रूप से इस मॉडल को 'वन एंड डन' करने वाले हैं।

पूरे विश्व के 3.1 करोड़ से ज्यादा लोगों को प्रभावित करने वाली इस बीमारी के लिए, जीन एडिटिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक को शुरू में उन लोगों पर आजमाया जाएगा, जिनके लिए यह बीमारी वंशानुगत है और जिन्हें पहले दिल का दौरा पड़ चुका है।

इसके लिए यह कंपनी CRISPR जीन एडिटिंग टूल का इस्तेमाल करती है, जो शक्तिशाली तो है लेकिन जटिल भी है। CRISPR जीनोम एडिटिंग के लिए एक बेहतरीन टूल है। इससे शोधकर्ता डीएनए सीक्वेंस को आसानी से बदल सकते हैं और जीन फ़ंक्शन को मॉडिफाई कर सकते हैं। अगर Verve की यह टेस्टिंग कामयाब होती है, तो वह और ज़्यादा लोगों पर इसका टेस्ट करेंगे। 

यह भी पढ़ें : HNLC peace talks : मेघालय के डिप्टी सीएम ने कहा - सरकार वार्ताकार से इनपुट की प्रतीक्षा कर रही है

इन नए तरीके से अगर दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों की जान बचती है, तो यह मेडिकल जगह में नई क्रांति से कम नहीं होगा। यह इलाज, फिलहाल उपलब्ध इलाजों की तुलना में सस्ता होगा, जिससे ज़्यादा से ज्यादा लोगों को इसका फायदा मिलेगा।