बीते 4 दिन में सार्वजनिक क्षेत्र के 3 बड़े बैंक-एसबीआई, इलाहाबाद बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने एक खास बदलाव किया है। इस बदलाव के बाद इन तीनों बैंकों के करीब 50 करोड़ से अधिक ग्राहकों को बड़ी राहत मिलने की उम्‍मीद है। इलाहाबाद बैंक ने विभिन्न मैच्योरिटी पीरियड वाले सीमांत लागत आधारित ब्याज दर में 0.05 फीसदी की कटौती की है। संशोधित दरें 14 फरवरी  से प्रभावी हो चुकी हैं। बैंक ने BSE से कहा कि उसकी संपत्ति उत्तरदायित्व प्रबंधन समिति ने मौजूदा MCLR की समीक्षा की और सभी परिपक्वता अवधि के कर्जों के लिए इसमें 0.05 फीसदी की कटौती करने का निर्णय लिया।

बैंक ने कहा कि एक साल की मैच्योरिटी पीरियड वाले कर्ज का MCLR अब 8.30 फीसदी से कम होकर 8.25 फीसदी पर आ गया है। इसी तरह एक दिन, तीन महीने और छह महीने का MCLR कम होकर 7.75 फीसदी से 8.10 फीसदी के बीच आ गया है। एक महीने की परिपक्वता अवधि वाले कर्ज का MCLR अपरिवर्तित है। इसके पहले भारतीय स्टेट बैंक ने भी MCLR में 0.05 फीसदी की कटौती कर दी है।

एसबीआई ने रिवाइज्ड MCLR को 10 फरवरी से ही लागू कर दिया है। एसबीआई ने लगातार नौवीं बार MCLR में कटौती की है। इस कटौती के बाद विभि​न्न मैच्योरिटी पीरियड वाले कर्ज का MCLR घटकर 7.85 फीसदी पर आ गया है।  एसबीआई के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी जानकारी दी है कि अलग-अलग मैच्योरिटी वाले कर्ज पर MCLR को 7.65 फीसदी से घटाकर 7.60 फीसदी कर दिया है। स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बैंक ने यह भी बताया है कि MCLR में इस नए रि​वीजन को 12 जनवरी 2020 से लागू भी कर दिया जाएगा। इसी के साथ इस बैंक में एक रात के लिए MCLR टेन्योर के लिए 7.65 फीसदी, एक महीने के ​लिए 7.60 फीसदी, तीन महीने के लिए 7.80 फीसदी, छह महीने के लिए 8.10 फीसदी और एक साल के ​लिए 8.25 फीसदी हो गया है।

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