गृहमंत्री राजनाथ सिंह आज देश की पहली स्पेशल विमन कमांडो स्वैट टीम को देश के लिए समर्पित करेंगे। इस टीम की तैनाती दिल्ली में होगी। इस टीम में उत्तरपूर्वी राज्यों से 36 महिला कॉन्स्टेबल को शामिल किया गया है। इस कॉन्स्टेबल को देश और विदेश के एक्सपर्ट्स ने 15 महीने की कड़ी ट्रेनिंग दी है, ताकि ये विकट परिस्थितियों का डटकर मुकाबला कर सकें।

बता दें कि देश की पहली महिला स्वैट टीम को बनाने का आइडिया दिल्ली के पुलिस कमीश्नर अमूल्य पटनायक के दिमाग की ऊपज है। पटनायक ने कहा कि टैरर स्ट्राइक और हॉस्टेज क्राइसिस, ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने के मामले में यह टीम किसी पर भी भारी पड़ सकती है।  इस टीम को बनाने को बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। कई बड़े देशों में भी ऐसी महिला स्वैट टीम नहीं है। 15 अगस्त को पीएम मोदी जब लालकिले के प्राचीर से देश की जनता को संबोधित कर रहे होंगे तो इस महिला स्वैट टीम पर ही उनकी सुरक्षा का जिम्मा होगा। 

इस टीम की ज्यादातर सदस्य असम से हैं। 13 महिला कॉन्स्टेबल असम की रहने वाली हैं, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और मणिपुर से 5-5 सदस्य हैं। मेघालय से चार, नगालैंड से 2, और मिजोरम और त्रिपुरा से 1-1 सदस्य है।  इन्हें इजरायली कर्व मागा की ट्रेनिंग दी गई है, हथियार रहित होने पर लड़ाई का एक तरीका है। साथ ही एमपी5 सबमशीन गन और जीलॉक 21 पिस्टल की एक्सपर्ट ट्रेनिंग भी दी गई है। 

इन महिला कमांडो को सेंट्रल और साउथ दिल्ली की रणनीतिक लोकेशन पर तैनात किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इंटेलिजेंस रिपोर्ट हैं कि महिला फिदायीन राजधानी पर हमले की तैयारी कर रही हैं। यह टीम ऐसे किसी भी हमले से निपटने में पूरी तरह तैयार है।