शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री उषा ठाकुर ने मदरसों को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि मदरसों को दिया जाने वाला सरकारी ग्रांट बंद कर दिया जाना चाहिए, क्योंकि सभी आंतकी मदरसों से ही निकले हैं। उन्होंने कहा कि मदरसों को सरकारी सहायता नहीं मिलनी चाहिए। वक्फ बोर्ड तो अपने आप में खुद ही एक सक्षम संस्था है। 

उषा ने कहा कि कोई व्यक्ति निजी तौर पर मदरसों में मदद करना चाहता है तो वह कर सकता है, लेकिन खून पसीने की गाढ़ी कमाई को हम जाया नहीं होने देंगे। मदरसों में दिए जाने वाले पैसों को हम विकास के कामों में लगाएंगे। कैबिनेट मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि मदरसों में जिस तरह की शिक्षा दी जाती है, उस हिसाब से वहां कट्टरवाद फैलता है और आतंकवादी बनते हैं। क्यों न देश विरोधी गतिविधियों को देखते हुए और राष्ट्रहित के लिए मदरसों को बंद कर दिया जाना चाहिए।

पत्रकारों से चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री उषा ठाकुर ने कमलनाथ सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकर 15 माह की कमलनाथ की झूठी सरकार ने मंदिरों पर 10 प्रतिशत टेक्स जजिया कर लगाया। 5 हजार रुपए वेतन मौलवियों और इमाम को दिया जा रहा है। सरकार अन्य वर्गों के हक छीन रही है। प्रदेश के लोगों से अपील है कि 3 नवम्बर को इनको आईना दिखाए। पाकिस्तान के हिंदुओं को यातना के चलते बीजेपी ने कानून लाया। लेकिन कांग्रेस ने इस कानून का विरोध किया। 

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर आरोप लगाते हुए उषा ठाकुर ने कहा कि कमलनाथ ने कहा था कि महिलाओं के लिए अलग से शराब की दुकान खोली जाएगी, आदिवासी को हिन्दू लिखने पर कार्रवाई की जाएगी। जीतू पटवारी ने कहा कि राम और संविधान को चुनने पर संविधान को चुनेंगे। कमलनाथ की धार्मिकता को लेकर उषा ठाकुर ने कहा कि वो धार्मिकता का दिखावा करते हैं, उन्हें ये बात समझ में आ गई है। वो कुछ भी करें जनता समझ गई है। कमलनाथ के विवादित बयान को लेकर उन्होंने कहा कि किसी भी महिला पर अपमानित शब्दों का प्रयोग अनुचित है।