केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने पूर्वोत्तर राज्य में उनके मंत्रालय के तहत लागू हुई योजनाओं पर संतुष्टि जताई। नकवी ने मंत्रियों और पूर्वी राज्यों के विभागीय अधिकारियों के साथ यहां हुई क्षेत्रीय समन्वय बैठक में शामिल होने के बाद संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पूर्वोत्तर के अधिकतर राज्यों ने अल्पसंख्यक कल्याण के लिए योजनाओं को लागू करने में अच्छा प्रदर्शन किया है। 

उन्होंने कहा, असम ने केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए गये अल्पसंख्यक कल्याण कोष की दरों का सौ प्रतिशत उपयोग किया है। मैं खुश हूं। इसी तरह, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों ने कुछ मुद्दों को उठाया है और हम इसका समाधान जल्द ही करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में पूरे देश में जितनी भी ढांचागत सुविधाएं लागू हुईं, उनमें लगभग 60 प्रतिशत विकास की सुविधाएं पूर्वोत्तर और देश के अन्य पिछड़े क्षेत्रों में उपलब्ध करवाई गयी। 

नकवी ने बताया कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम अल्पसंख्यकों के सशक्तीकरण और समाज के अन्य कमजोर वर्ग के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में केेंद्र की तुष्टीकरण के बिना विकास की नीति से अल्पसंख्यकों के कमजोर वर्ग एवं गरीब परिवार के एक करोड़ 63 लाख छात्राओं सहित लगभग तीन करोड़ विद्यार्थियों को विभिन्न छात्रवृत्ति कार्यक्रम से लाभान्वित होने का रिकॉर्ड बना है।

बैठक में असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, मुख्य सचिव, सचिव और समाज कल्याण एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इसके अतिरिक्त त्रिपुरा, मणिपुर, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, नागालैंड, मेघालय, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।