समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि फेंकू सरकार की पहचान रखने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार अब बेंचू सरकार हो गयी है। बीकेटी इंटर कालेज में सपा नेता एवं पूर्व मंत्री भगवती सिंह की प्रतिमा के अनावरण के बाद आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुये यादव ने कहा कि यह सरकार रेल बेच रही है, पटरी और स्टेशन बेच रही है। सडक़ें, एयरपोर्ट और रेल बेंच रही है। वह सब कुछ बेचने पर उतारू है। 

उन्होंने कहा कि भाजपा सब बेच कर कुछ उद्योगपतियों को सौंप रही है। भाजपा किसानों, नौजवानों, महिलाओं, आम जनता को धोखा दे रही है। कोरोना काल में ऐसा लॉक डाउन किया कि लोग बर्बाद हो गये। लोगों की नौकरी, रोजगार, व्यापार खत्म हो गया। बेरोजगारी बढ़ गयी। लाकडाउन के समय जनता को अनाथ छोड़ दिया गया। कोरोना से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो गयी। मरीजों को अस्पतालों में बेड, दवा और इलाज नहीं मिला। आक्सीजन के लिए भटकना पड़ा। विषेशज्ञों की चेतावनी के बाद भी सरकार ने कोई तैयारी नहीं की थी। 

यादव ने कहा कि नोटबंदी से भ्रष्टाचार मिटा नहीं, अर्थव्यवस्था चौपट हो गई। किसान की वजह से अर्थव्यवस्था सम्भाली है। दो साल में शिक्षा व्यवस्था चौपट हुई है। आनलाइन पढ़ाई पटरी पर नहीं है। समाजवादी सरकार होती तो हर घर में लैपटाप पहुंचता। अभी भाजपा सरकार ने स्मार्ट फोन देने की घोषणा की वह तो पहले से बहुतों के पास है। अब समय कहां बचा है जो वे वादा निभा पाएंगे। उन्होने कहा कि लखनऊ में आउटर रिंग रोड अभी तक नहीं बन पाया। मेट्रो जहां तक चली थी, उसके आगे नहीं बढ़ी। सपा सरकार में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे 323 किलोमीटर 22 महीने में बन गई। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे अभी तक पूरी नहीं हुई। तीन काले कृषि कानूनों से न खेती बचेगी न जमीन। बाजार में किसान को न लाभकारी मूल्य मिला न ही आय दोगुनी हुई। घर के चूल्हें बुझ गए हैं। उज्ज्वला का सिलेंडर महंगा हो गया है। सरसों का तेल महंगा हुआ है तो पकौड़े कैसे तलेंगे। 

यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनावों की शुरूआत हो चुकी है। समाजवादियों की जिम्मेदारी है कि सब मिलकर सोती हुई भाजपा सरकार को हटाएं। बिहार-बंगाल से ज्यादा उत्तर प्रदेश के चुनाव खतरनाक होंगे। समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाना है। समाजवादी सरकार बनेगी तभी गरीबों, किसानों, नौजवानों का कल्याण होगा। मुख्यमंत्री ने रंग और नाम बदलने के अलावा कोई काम नहीं किया है। भाजपा सरकार समाजवादियों की साइकिल का मुकाबला नहीं कर सकती है।