एनआईए की विशेष अदालत ने आरटीआई कार्यकर्ता और किसान नेता अखिल गोगोई को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। असम में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बीच गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून के तहत उन्हें गिरफ्तार किया गया था। गोगोई के वकील शांतनु बोरठाकुर के मुताबिक विशेष अदालत ने उनकी हिरासत 10 दिन और बढ़ाने के लिए एनआईए की अर्जी खारिज कर दी ।

उन्होंने कहा कि अदालत ने कृषक मुक्ति संग्राम समिति के मुख्य सलाहकार गोगोई को हिरासत के दौरान बिना अदालत को बताए दिल्ली ले जाने के लिए एनआईए को फटकार लगायी। बोरठाकुर ने बताया है कि गोगोई को 10 जनवरी को एनआईए अदालत के सामने पेश किया जाएगा । राज्य पुलिस ने उन्हें 12 दिसंबर को जोरहाट से तब गिरफ्तार किया था, जब असम में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहा था।

हालांकि बाद में उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हवाले कर दिया जिसने आईपीसी की विभिन्न धाराओं और गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया। गोगोई को 17 दिसंबर को 10 दिन के लिए केंद्रीय एजेंसी की हिरासत में भेज दिया गया था और सुबह में दिल्ली से लाने के बाद बृहस्पतिवार को उन्हें एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया गया । एनआईए ने गोगोई के गुवाहाटी स्थित आवास पर बृहस्पतिवार को छापा मारकर विभिन्न दस्तावेज और एक लैपटॉप जब्त किया।

गोगोई की पत्नी गीताश्री तामुली ने बताया कि सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार द्वारा जारी पंजीकरण प्रमाण पत्र, उनके पैन कार्ड की प्रतियां, एसबीआई डेबिट कार्ड, मतदाता फोटो पहचान पत्र और बैंक की पासबुक जब्त कर ली। उन्होंने बताया कि गोगोई जेल के अनुभवों के बारे में एक किताब लिख रहे थे। उसे भी अधिकारी लेते गए । केएमएसएस के अध्यक्ष राजू बोरा ने बताया कि शहर के गांधीबस्ती इलाके में केएमएसएस कार्यालय पर भी छापा मारा गया और कुछ किताबें और पुस्तिकाएं जब्त की गयी। कांग्रेस, ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) और असम जातियताबादी युवा छात्र परिषद (एजेवाईसीपी) और आम लोग गोगोई की तुरंत रिहाई की मांग कर रहे हैं ।

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