लोकसभा चुनाव में अब टिकट और गठजोड़ की राजनीतिक हो रही है। किसी को टिकट मिला किसी को नहीं तो इसी तरह की एक कश्मकश में एआईयूडीएफ प्रमुख मौलाना बदरुद्दीन अजमल भी फंसे हैं जो कि कांग्रेस से लव-मैरिज चाहते हैं, लुका-छिपी यारी नहीं। उनका मानना है कि मुख्य लड़ाई तो भाजपा और कांग्रेस में ही होगी, एआईयूडीएफ इन दोनोें की जंग में अपनी तीनों सीटें बचा ले जाएगी।


एआईयूडीएफ इन दोनों की जंग में अपनी तीनों सीटें बचा ले जाएगा। केंद्र में यूपीए सरकार ही बनेगी। मौलाना अजमल ने फिर कांग्रेस के प्रति अपना मोह दिखाया है। उन्होंने कहा कि उनका अभी तक किसी से चुनावी समझौता नहीं हुआ है। कांग्रेस से भी कोई गुपचुप समझौता नहीं है। वे कांग्रेस से लव-मैरिज चाहते हैं।अजमल कोई बेजा गठजोड़ नहीं चाहते हैं। अजमल ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान असलियत समझे, मिलकर लड़ेंगे तो भाजपा को मात दी जा सकती है। मौलाना ने कहा, एआईयूडीएफ की मौजूदा तीनों सीटें जीतने का भरोसा तो उन्हें है ही। उम्मीद है कि एक-दो और मिल सकती हैं। भाजपा और अगप के गठजोड़ से एआईयूडीएफ को चुनौती मिलने के बावजूद पूछे जाने पर अजमल ने कहा कि चुनाव में चुनौतियां तो होती ही रहती हैं।कई तरह के खतरे बने रहते हैं। उन्हें भरोसा है कि उनका जनाधार बना रहेगा। इस बीच एआईयूडीएफ ने बरपेटा से कलगछिया तक बाइक रैली निकाल कर अपने चुनावी अभियान की शुरुआत की। रैली में बड़ी संख्या में उनके समर्थक शामिल थे।