असम नगांव जिले में काॅजेल ने स्टूडेंट्स को सही कपड़े पहने के लिए फरमान क्या जारी किया कि एआर्इयूडीएफ के एक विधायक नाराज हो गए। विधायक ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह का फरमान जारी करके काॅलेज के माहौल काे भगवाकरण किया जा रहा है। विधायक अनीमुल इस्लाम ने अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट करके कहा कि अगर छात्राएं हिजाब या नकाब पहनकर कॉलेज आती हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं है।

सर्दियों के कारण जारी किया गया नोटिस
तो वहीं आनंदराम ढेकियाल फुकन कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर सुरजीत कुमार भागवती ने कहा कि उन्होंने किसी भी धार्मिक पहनावे पर कोई रोक नहीं लगाई है। हमने सर्दियों के शुरू होने से स्टूडेंट्स से पूरी ड्रेस पहनने को लेकर नोटिस जारी किया है। प्रिंसिपल ने आगे कहा कि कॉलेज में 20 प्रतिशत (600) स्टूडेंट्स मुस्लिम हैं, जिनमें से सिर्फ विधायक की बेटी ही बुर्का पहनकर आती है। डॉक्टर सुरजीत ने कहा कि विधायक की फेसबुक पोस्ट से धमकी भरा माहौल लग रहा है, इसलिए मैंने पुलिस में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।

पढ़ाई को भगवा रंग देने की कोशिश
बता दें कि 24 अक्टूबर को अपने फेसबुक पोस्ट पर इस्लाम ने लिखा कि कॉलेज के 60 साल के अस्तित्व में इस तरह (कपड़ों पर प्रतिबंध लगाना) का कोई फैसला लिया गया हो। मैं यह जानना चाहता हूं कि भारतीय संविधान या राज्य के गजट अधिसूचना में कहां लिखा है कि कोई इस तरह (बुर्का या नकाब) के कपड़े नहीं पहन सकते। कॉलेज के पूर्व छात्र रहे विधायक ने असमी भाषा में लिखे अपने पोस्ट में कहा कि पिछले 60 सालों से कॉलेज में बिना किसी भेदभाव के शिक्षा दी जा रही है, लेकिन आपने (भागवती) ने कॉलेज की पढ़ाई को भगवा रंग देने की कोशिश की है।

कॉलेज प्रिंसिपल की पैतृक संपत्ति नहीं
विधायक ने पोस्ट में पूछा कि क्या कॉलेज आपकी पैतृक संपत्ति है? अगर कोई छात्रा हिजाब या नकाब पहनकर कॉलेज आ रही है तो इसमें इतनी चिंता करने कि क्या जरूरत है? क्या सही कपड़े पहनने से कॉलेज का माहौल खराब होता है। इस्लाम ने कहा कि मैंने कई छात्र संगठनों से इस मामले को देखने के लिए आग्रह किया है, नहीं तो प्रिंसिपल कॉलेज की स्थिति, गरिमा, विरासत और शैक्षिक वातावरण को बर्बाद कर देगा। वहीं, मीडिया से बातचीत करते हुए भागवती ने कहा कि कॉलेज कि विवरण पुस्तिका में जो ड्रेस कोड दिया गया है, सभी स्टूडेंट्स उसी में आते हैं, लेकिन सिर्फ विधायक की बेटी ही बुर्का पहनकर कॉलेज आती है।

बुर्का या नकाब पर बैन नहीं
प्रिंसिपल से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने कॉलेज में बुर्का या नकाब पर बैन लगा दिया है तो उन्होंने कहा कि ऐसा कोई आदेश नहीं निकाला गया है और न ही संबंधित छात्रा से ऐसा कहा गया है कि कॉलेज कैंपस में बुर्का नहीं पहने। उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ सामान्य नोटिस जारी किया गया है जिसमें स्टूडेंट्स से कहा गया है कि वे कॉलेज 'सही कपड़े' पहनकर आएं।

प्रिंसिपल के समर्थन में आए मुस्लिम छात्र
विधायक की फेसबुक पोस्ट को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है क्योंकि मुझे धमकी दी जा रही है। सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर कॉलेज छात्र संगठन और शिक्षक परिषद ने विधायक की आलोचना की है। वहीं, मुस्लिम स्टूडेंट्स भी प्रिंसिपल के समर्थन में आगे आ गए हैं।