नई दिल्ली।  विमान सेवा कंपनियों  की मनमानी पर रोक लगाते हुये नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने आज कहा कि टिकट पर नाम में संशोधन के लिए एयरलाइंस कोई शुल्क नहीं वसूल सकतीं। 


राजू ने आज ट्वीट कर कहा नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के नियमों के अनुसार, यदि कोई यात्री टिकट बुक कराने के बाद अपने नाम में गलती के बारे में एयरलाइन को बताता है तो नाम में संशोधन के लिए एयरलाइन अलग से शुल्क नहीं वसूल सकती।  उन्होंने आगे लिखा है कि बुकिंग के दौरान नाम में हुई किसी भी तरह की त्रुटि के लिए यह नियम लागू होता है. इसमें संशोधन बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के होना चाहिये। 


उल्लेखनीय है कि विमान सेवा कंपनियाँ नाम में संशोधन के लिए भारी-भरकम शुल्क वसूलती रही हैं. कुछ एयरलाइन तो नाम में किसी भी तरह के संशोधन से साफ इनकार कर देती हैं जिससे मजबूरन यात्री के पास टिकट रद्द कराने के अलावा कोई चारा नहीं रहता।  

इसमें कैंसिलेशन शुल्क के नाम पर जहाँ कंपनी की मोटी कमाई होती है, वहीं उसी उड़ान में टिकट उपलब्ध नहीं होने के कारण यात्री को अपनी यात्रा योजना में बदलाव भी करना पड़ता है।