आखिरकार देश के प्रमुख औद्योगिक समूह टाटा संस (tata sons) के हाथों में सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया (air india) को सौंप दिया गया है। इसके लिए टाटा संस ने 2700 करोड़ रुपये नकद सरकार को दिये हैं। टाटा को एयर इंडिया और उसकी सहायक कंपनी एआईएक्सएल के 15300 करोड़ रुपये ऋण भी चुकाना है। बता दें कि गुरुवार सुबह टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) से भी मुलाकात की थी। 

इस अवसर टाटा संस के मानद अध्यक्ष रतन टाटा (Ratan Tata) और अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) ने सरकार तथा इससे प्रक्रिया से जुड़े रहे विभिन्न विभागों को धन्यवाद दिया है। चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा समूह में एयर इंडिया को वापस लाकर वे बहुत उत्साहित हैं और इसको विश्व स्तरीय विमानन कंपनी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि टाटा संस के जेआरडी टाटा (JRD Tata) ने विमानन कंपनी की शुरूआत की थी और उस कंपनी के विमान ने 15 अक्टूबर 1932 को पहली उड़ान भरी थी। देश की आजादी के बाद इस विमानन कंपनी का राष्ट्रीयकरण कर इसका नाम एयर इंडिया कर दिया गया था।

आपको बता दें कि आज एयर इंडिया का मौजूदा बोर्ड इस्तीफा दे सकता है। इसके बाद टाटा के नॉमिनी बोर्ड में पुराने सदस्य की जगह ले सकते हैं। कैबिनेट मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia) ने रतन टाटा को टैग करते हुए बधाई दी। उन्होंने लिखा, एअरलाइन के नए मालिकों को शुभकामनाएं। मुझे भरोसा है कि उनके साये में एअर इंडिया आगे बढ़ेगी और भारत में उम्दा सिविल एविएशन इंडस्ट्री का रास्ता तैयार होगा।