पाकिस्तान की अब खैर नहीं है क्योंकि भारतीय वायुसेना अब और अधिक मजबूत हो गई है।
भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान अब हवाई पट्टियों ही नहीं बल्कि नेशनल हाईवे पर उतरकर वहां उड़ान भी भर सकेंगे। इसके लिए एक विमान इस सप्ताह राजस्थान के बाड़मेर में एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर आपात लैंडिंग का अभ्यास करने जा रहा है। इस विमान में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी सवार होंगे।

सूत्रों के अनुसार दोनों मंत्री इस सप्ताह बाड़मेर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर 3.5 किलोमीटर लंबी पट्टी का उद्घाटन करेंगे क्योंकि यह वायुसेना के लड़ाकू विमानों और अन्य विमानों की आपात लैंडिंग के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यह भारत का पहला राष्ट्रीय राजमार्ग है जिसका इस्तेमाल भारतीय वायुसेना के विमानों की आपात लैंडिंग के लिए किया जाएगा।

अक्टूबर 2017 में, वायुसेना के लड़ाकू जेट और परिवहन विमानों ने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर लैंडिंग का अभ्यास किया था ताकि यह दिखाया जा सके कि ऐसे राजमार्गों का उपयोग वायुसेना विमानों को आपात स्थिति में उतारने के लिए किया जा सकता है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन आता है।

सूत्रों के मुताबिक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों ने बाड़मेर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर हवाई पट्टी विकसित करने के लिए वायुसेना अधिकारियों के साथ समन्वय कर काम किया।

उन्होंने कहा कि बाड़मेर में उपरोक्त इस राजमार्ग के अलावा देश भर में कम से कम 12 राष्ट्रीय राजमार्ग तैयार किए जा रहे हैं ताकि आपात स्थिति में वायुसेना के विमानों द्वारा उन्हें हवाई पट्टी के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। सूत्रों ने बताया कि 12 राष्ट्रीय राजमार्गों के जिन हिस्सों को हवाई पट्टी के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा, उनकी पहचान की जा रही है और उन्हें तैयार किया जा रहा है।