भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी (Air Chief Marshal VR Choudhary) ने शनिवार को कहा कि चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर पूरी तरह से डिसएंगेजमेंट (सैनिकों की वापसी) नहीं हुआ है, इसलिए सुरक्षाबल अग्रिम स्थानों पर तैनात हैं। वायु सेना अकादमी हैदराबाद (Air Force Academy Hyderabad) में संयुक्त स्नातक परेड के दौरान एयर चीफ मार्शल चौधरी ने कहा कि चीन के साथ गतिरोध अभी भी बना हुआ है और कुछ क्षेत्रों में डिसएंगेजमेंट हुआ है, जिसमें केवल लद्दाख शामिल है। उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना (IAF) सीमाओं पर किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। भारत और चीन एलएसी पर करीब 20 महीने से गतिरोध में हैं।

एयर चीफ मार्शल चौधरी ने कहा, आईएएफ राफेल, अपाचे (apache), चिनूक (Chinook) और एसएजीडब्ल्यू सिस्टम की एक विस्तृत विविधता के शामिल होने के साथ एक अत्यधिक शक्तिशाली वायु सेना में परिवर्तन के कगार पर है। वायुसेना प्रमुख ने यह भी कहा कि राफेल विमानों (Rafale aircraft) को शामिल करने का काम फरवरी 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 36 विमानों में से 32 की डिलीवरी हो चुकी है। शेष चार में से तीन फरवरी में समय पर पहुंचेंगे।

सैन्य हेलिकॉप्टर दुर्घटना (military helicopter crash) पर, आईएएफ प्रमुख ने कहा कि कोर्ट ऑफ इंक्वायरी जारी है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय की ओर से गठित त्रिकोणीय सेवाओं ( Tri Service Inquiry) की जांच अगले दो सप्ताह के भीतर पूरी हो सकती है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने शनिवार को कहा कि इस हादसे के वजहों की हर एंगल से जांच की जा रही है। डुंडीगल में वायु सेना अकादमी (IAF Academy) में कम्बाइंड ग्रेजुएशन परेड के बाद वायुसेना प्रमुख ने कहा कि कुछ हफ्तों में हेलीकॉप्टर क्रैश की जांच हो जाएगी। उन्होंने कहा कि  काफी संवेदनशील होने की वजह से इस जांच के बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। बता दें कि जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat), उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 12 सशस्त्र बलों के जवान 8 दिसंबर को तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में शहीद हो गए थे। जनरल रावत व्याख्यान के लिए वेलिंगटन जा रहे थे। युवा स्नातकों से उन्होंने कहा, एक अच्छा अधिकारी बनने के लिए, आपको भारतीय वायुसेना की सभी शाखाओं की बारीकियों की समग्र समझ होनी चाहिए। इसलिए, सभी शाखाओं के कामकाज को समझने की क्षमता - चाहे वह उड़ान, तकनीकी, रसद, लेखा या प्रशासन हो, यह आपको पूरी तरह से पेशेवर बनने में मदद करता है।

उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों के रूप में, उन्हें सैन्य इतिहास, भू-राजनीति और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के अध्ययन के माध्यम से इस जटिल और गतिशील दुनिया की समझ विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा, यह तभी संभव हो सकता है जब आप अपने सेवा करियर के शुरूआती वर्षों में पढऩे की आदतों को विकसित करें। आईएएफ आपको अपनी पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन, उत्कृष्टता और पोषण करने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करेगा, यदि आपके पास इच्छाशक्ति और दृढ़ता है।