भारतीय वायु सेना के पूर्व प्रमुख बी.एस. धनोआ ने कहा है कि साल 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले और साल 2008 में मुंबई हमले के समय भी भारतीय वायुसेना पाकिस्तान स्थित आतंकी शिविरों पर एयर स्ट्राइक के लिए पूरी तरह तैयार थी। लेकिन तबकी सरकारों ने इसकी इजाजत नहीं दी थी। इससे पहले धनोआ ने शुक्रवार को कहा था कि 26/11 के हमले के बाद एयरफ फोर्स पूरी तरह तैयार थी, लेकिन सरकार ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा कि हम जानते थे कि पाकिस्तान में आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप हैं। इन शिविरों का स्थान का पता था। उन्हें नेस्तनाबूद करने के लिए हम तैयार थे, लेकिन यह राजनीतिक फैसला था कि हमला करना है या नहीं। 31 दिसंबर, 2016 से 30 सितंबर, 2019 तक बीएस धनोआ भारतीय वायुसेना के चीफ थे। उन्होंने कहा कि 2001 में देश की संसद पर हुए आतंकी हमले के बाद भी वायुसेना ने पाकिस्तान के खिलाफ एयर स्ट्राइक की बात कही थी, लेकिन तत्कालीन सरकार ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। धनोआ ने कहा कि अशांति और आतंक ही पाकिस्तान का हथियार है। शांति स्थापित होती है, तो पाकिस्तान कई सुविधाएं खो देगा।

वायुसेना के पूर्व प्रमुख धनोआ ने कहा कि पाकिस्तान हमारे खिलाफ प्रोपेगैंडा वॉर में जुटा हुआ है और आगे भी हमले करता रहेगा। भारतीय वायुसेना को हर हमले का जवाब देने और पलटवार में सक्षम बताते हुए उन्होंने कहा कि एयर फोर्स के पास छोटी, अचानक छिड़ी जंग या फि र भविष्य में छिड़े किसी भी युद्ध से निपटने की क्षमता है।

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