दिल्ली AIIMS ने अपनी एक स्टडी में पाया है कि अप्रैल-मई 2021 के महीने में वैक्सीन लगने के बाद दोबारा कोरोना से संक्रमित हुए किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है। स्टडी के आधार पर कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति टीका लगवाने के बाद भी संक्रमित होता है, तो इसे एक सफल संक्रमण के रूप में जाना जा सकता है।

इस अध्ययन में कहा गया है कि बहुत अधिक संक्रमण के फैलाव के बावजूद टीका लगाए गए लोगों में से किसी की भी बीमारी से मृत्यु नहीं हुई। 63 सफल संक्रमणों में से 36 मरीजों को दो डोज मिली, जबकि 27 को वैक्सीन की कम से कम एक डोज मिली। 10 मरीजों ने कोविशील्ड की डोज ली जबकि 53 को कोवैक्सीन दी गई थी।

एम्स की रिपोर्ट में कहा गया है, 'जबकि मरीजों में एंटीबॉडी उपलब्ध थी, फिर भी वे संक्रमित हो गए और अन्य मरीजों की तरह ही अस्पताल में भर्ती हुए।' वहीं अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सीडीसी का कहना है कि टीकाकरण के बाद कुछ लोग ही कोरोना से संक्रमित होते हैं, अस्पताल में भर्ती होते हैं या उनकी मृत्यु हो जाती है।

भारत में शुक्रवार को कोरोना के 24 घंटे में नए 1,32,364 मामले सामने आए, जबकि 2713 लोगों ने इस महामारी के कारण दम तोड़ दिया। 1 जून, को भारत ने 8 अप्रैल के बाद से सबसे कम 1,27,510 मामले दर्ज किए। 8 अप्रैल को, भारत में 1,31,968 मामले दर्ज किए गए, जबकि 7 अप्रैल को देश में 1,26,789 नए मामले सामने आए। भारत में कोविड-19 मामलों की कुल संख्या अब 2 करोड़ 85 लाख 74 हजार 350 है, जिसमें 16,35,993 एक्टिव मामले हैं और अब तक 3 लाख 40 हजार 702 मौतें हुई हैं।

पिछले कुछ दिनों में, भारत के ताजा मामलों में हर 24 घंटे में एक लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो रहे है। हफ्तों तक दूसरी लहर से जूझने के बाद, ताजा कोविड मामले 17 मई को पहली बार तीन लाख अंक से नीचे आ गए, जबकि 7 मई को 4,14,188 के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर था।