एम्स निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि ऐसा कोई डाटा नहीं मिला है जो ये बताए कि इससे बच्चे अधिक प्रभावित होंगे।  उन्होंने भविष्य में भी बच्चों के गंभीर रूप से संक्रमित होने की आशंकाओं को खारिज किया।  

एम्स निदेशक ने स्वास्थ्य मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वैश्विक और भारतीय किसी भी डाटा में ऐसी नहीं देखा गया है कि बच्चे ज्यादा प्रभावित होंगे।  गुलेरिया ने कहा कि यहां तक कि दूसरी लहर में भी जो बच्चे संक्रमित हुए हैं, उन पर संक्रमण का हल्का असर देखने को मिला है।  एम्स निदेशक ने कहा, मुझे नहीं लगता कि भविष्य में भी बच्चों को हमें बच्चों में गंभीर संक्रमण देखने को मिलेगा। 

वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने भारत में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि देश में बीते 24 घंटे में 89,498 नए मामले सामने आए हैं।  उन्होंने कहा कि रोजाना आ रहे नए मामलों के सबसे उच्च स्तर के बाद से मामलों में करीब 79 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।  अग्रवाल ने बताया कि पिछले सप्ताह, कुल मामलों में 33 फीसदी गिरावट देखने को मिली थी।  उन्होंने बताया कि पिछले एक माह में 322 जिलों में नए मामलों में कमी देखने को मिल रही है। 

लव अग्रवाल ने कहा कि देश में ठीक होने वाले लोगों की दर 94.3 फीसदी है (होम आइसोलेशन और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर मिलाकर) उन्होंने बताया कि 1-7 जून के बीच पॉजिटिविटी में 6.3 फीसदी की गिरावट देखी गई है. अग्रवाल ने आगे कहा कि पिछले एक हफ्ते में मामलों में 33 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है और एक्टिव मामले 65 प्रतिशत तक कम हुए हैं. अग्रवाल ने कहा कि 15 राज्य ऐसे हैं ज्यादा पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी से कम है.

वहीं नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने वैक्सीन की कीमतों के लेकर कहा कि निजी क्षेत्रों (अस्पतालों) के लिए टीकों की कीमत वैक्सीन निर्माताओं द्वारा तय की जाएगी. उन्होंने कहा कि राज्य निजी क्षेत्र की मांग को एकत्रित करेंगे, इसका मतलब है कि वे देखेंगे कि उसके पास सुविधाओं का कितना नेटवर्क है, और उसे कितनी खुराक की जरूरत है.