असम प्रदेश कांग्रेस के नए एआईसीसी प्रभारी हरीश रावत पिछले दो दिन से मैराथन बैठकें कर रहे हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक चलने वाली बैठकों में सांगठनिक मजबूती को लेकर कई गुणा-भाग हुए। अपने चेहरे दिखाने के लिए उमड़े नेताओं और कर्मियों को उन्होंने साफ किया कि वर्ष 2019 में राज्य से 11 लोकसभा सीटें जीतने के लिए एकजुट होना होगा । 

दिसपुर स्थित मानवेंद्र शर्मा कांप्लेक्स में बैठकों के कई दौर चले। नए प्रदेश प्रभारी के सामने आने के लिए लगातार प्रदेश नेतृत्व की मुख्यधारा में शामिल और बाहर रहने वाले नेताओं में होड़ सी लगी रही। पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई, प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा और नेता विधायक दल देवब्रत सइकिया भी डटे रहे। एपीसीसी पदाधिकारियों के अलावा सभी डीसीसी और ब्लाक कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष व सचिवों से एआईसीसी राज्य प्रभारी ने गहन वार्ताएं की। 

भाजपा के चुनावी कौशल की काट प्रभावशाली ढंग से करने के लिए उन्होंने कांग्रेस के मूल संगठन और सेवादल सहित सभी आनुषांगिक संगठनों को अभी से मिशन मोड पर जुट जाने को कहा। चर्चा के दौरान हर बूथ पर हर एक सौ मतदाता के पीछे इन सभी आनुषांगिक संगठनों के एक - एक कार्यकर्ता को तैनात करने की तैयारी को कहा गया । सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक रावत पहले कांग्रेस के विभिन्न पदाधिकारियों से मिले, बैठक की। शाम पांच बजे जिलों से आए पदाधिकारियों से मंत्रणा की । शाम सात बजे प्रदेश युवक कांग्रेस और बाद में महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों के साथ भी बैठकें की।  अपने जोरदार स्वागत से प्रभावित हुए बिना रावत ने राज्य के सभी कांग्रेस नेताओं के सामने साफ किया कि वर्ष 2019 में कम से कम 11 लोकसभा सीटें असम से जीतने का लक्ष्य है । इतनी सीटें जिताएं तभी वे समझेंगे  कि उनका स्वागत हुआ।