किसानों को लेकर सरकार बहुत शानदार का कार्य करने जा रही है। किसानों के एक के बाद एक बड़ा तोहफा देने के लिए कृषि मंत्रालय ने प्लानिंग तैयार की है। आत्मनिर्भर अभियान को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार का कृषि मंत्रालय देश में तिलहन का उत्‍पाद बढ़ाने को लेकर योजना लायी जा रहा है। जि‍सका उद्देश्‍य देश की खाद्य तेलों की देशों पर निर्भरता को कम करना है।

तिलहन का उत्‍पाद की योजना के तहत कृषि मंत्रालय व इससे जुड़े संस्‍थान तिलहन उत्‍पादन किसानों और इसके जुड़े प्रोसेसर को फायदा पहुंचाएंगे, जो इंसेटिव (प्रोत्‍साहन राशि) के तौर पर हो सकता है। देश में तिलहन के उत्‍पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से किसानों को इंसेंटिव देने की योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए कृषि मंत्रालय जल्‍द ही एक कैबिनेट नोट लाने की तैयारी कर रहा है। सूरजमुखी समेत अन्‍य तिलहन के उत्‍पादन क्षेत्र में बढ़ोतरी और सुधार करना है।

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बताया जा रहा है कि इस योजना के तहत तिलहन उत्‍पादक किसानों को इंसेटिव दिया जाएगा, वहीं किसानों को खाद्य तेलों की प्रोसिसिंग करने वाले निजी संस्‍थानों के साथ ही जोड़ा जाएगा। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार बीते एक साल में देश के अंदर सरसों के उत्‍पादन का दायरा बढ़ा है। आंकड़ों के अनुसार 2021-22 में सरसों के उत्‍पादन में 24 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान है।

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वहीं मंत्रालय की योजना देश में सूरजमुखी के उत्‍पादन क्षेत्र में भी बढ़ोतरी की भी है। हालांकि बीते कुछ वर्षों में देश के अंदर सूरजमुखी के उत्‍पादन क्षेत्र में कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 1990-95 के दौरान देश के अंदर 2.1 मिलियन हैक्‍टेयर क्षेत्र में सूरजमुखी का उत्‍पादन होता है, जो वर्ष 2005-06 के दौरान घट कर 1.4 मिलियन हेक्‍टेयर था।