मध्य प्रदेश के गुना जिले में खाद का संकट ( fertilizer crisis) कम होने का नाम नहीं ले रहा है. जहां शुक्रवार को खाद के लिए हंगामा हो गया. इस दौरान किसान एक-दूसरे से भिड़ (farmers clashed with each other) गए. उनके बीच जमकर हाथापाई भी हुई. इस दौरान झड़प में कई किसानों के कपड़े तक फट गए. वहीं, किसानों में जमकर लात-घूंसे चले. 

किसान यूरिया न मिलने को लेकर काफी नाराज थे. वहीं, लाइन में लगने को लेकर किसानों के बीच पहले बहस हुई फिर आगे चलकर विवाद मारपीट तक पहुंच गया. इस मामले में गोदाम प्रभारी का कहना है कि उनके यहां अभी यूरिया नहीं पहुंचा है.

दरअसल, गुना जिले में खाद को लेकर अभी भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है. उधर मंडी परिसर में सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान खाद लेने पहुंचे थे. इस दौरान केंद्रों पर किसानों की लाइनें लगी हैं. इसके बाद भी खाद नहीं मिल पा रहा है. 

अभी बोवनी के समय DAP के लिए मारामारी थी. हालांकि अब किसानों को यूरिया की जरूरत पड़ने लगी है. वहीं, बीते 2 दिन में कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने से खेतों में नमी हैं. जिसके चलते आए दिन खाद को लेकर किसान काफी परेशान रहते हैं. ऐसे में रोजाना ही किसानों की नाराजगी की घटना सामने आ रही है.

बता दें कि बीते शुक्रवार को जिले के आरोन में गोदाम पर किसान आपस में भिड़ गए. वहीं, लाइन में लगने का लेकर यहां धक्का मुक्की हो गई. किसानों की लाइन में लगने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो मारपीट तक पहुंच गया. 

इस दौरान किसानों के बीच जमकर लात-घूंसे चले. ऐसे में जमकर हुई मारपीट में कई किसानों के कपड़े तक फट गए. हालांकि काफी देर तक वहां हंगामा चलता रहा. स्थानीय लोगों द्वारा बड़ी मुश्किल से समझाने के बाद किसान शांत हुए.

वहीं, आरोन गोदाम प्रभारी तेज नारायण शर्मा ने बताया कि किसानों की चिंता को देखते हुए 2 काउंटर से किसानों को टोकन दिए जा रहे हैं. ऐसे में मशीन पर अंगूठा लगवा कर खाद दिया जा रहा है. अब किसान यूरिया के लिए सुबह से शाम तक लाइन में लगा रहता है. फिलहाल, यहां यूरिया उपलब्ध नहीं है. लेकिन किसानों को टोकन बांट दिए गए हैं.