अब आगरा के राजा की मंडी रेलवे स्टेशन को यात्रियों के लिए बंद किया जा सकता है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर स्थित मंदिर को लेकर चल रहे विवाद की वजह से डीआरएम ने ट्वीट कर यह बात कही है। DRM ने कहा है कि यदि चामुंडा देवी मंदिर नहीं हटाया जाता, तो स्टेशन को यात्री प्रयोग के लिए बंद किया जा सकता है। प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर बना ये मंदिर अवैध रूप से निर्मित है।

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डीआरएम के इस रुख को लेकर लोगों में आक्रोश की भावना है। लोगों का कहना है कि मंदिर हटाने को लेकर बेवजह के बहाने बनाए जा रहे हैं। जबकि रेलवे का कहना है कि मंदिर यात्रियों की आवाजाही में व्यवधान का कारण बनता है। साथ ही इसकी वजह से रेलगाड़ियों की रफ्तार भी कम हो जाती है। रेलवे ने मंदिर को स्थानांतरित करने के लिए मंदिर प्रशासन को एक नोटिस भी दिया है।

आगरा रेल मंडल ने बताया कि मंदिर की वजह से रेलवे लाइन को वक्राकार किया गया है। परिणामस्वरूप कोई भी ट्रेन यहां से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अधिक गति से नहीं गुजर पाती। इतना ही नहीं, हाई स्पीड ट्रेनों को भी यहां से निकलने में देरी होती है। जिसकी वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और उनका समय बर्बाद होता है। इसलिए मंदिर को कहीं और शिफ्ट किया जाना बेहद जरूरी है।

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रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक राजा मंडी स्टेशन के कुछ हिस्से पर चामुंडा देवी का मंदिर स्थित है, जिसका क्षेत्रफल करीब 1716 वर्ग मीटर है और 600 वर्ग मीटर में मंदिर का भवन निर्मित है। इसका 72 वर्ग मीटर का क्षेत्र प्लेटफार्म नंबर 1 पर आता है, जो रेलवे के शेड्यूल ऑफ डायमेंशन का उल्लंघन है और सुरक्षा की दृष्टि से गलत है। अधिकारियों ने कहा कि रेलवे सिर्फ अतिक्रमण हटाने का कार्य कर रहा है। यदि इस काम में कोई अड़चन आती है तो यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए स्टेशन यात्री प्रयोग के लिए बंद किया हा सकता है।