राज्य सरकार में मित्रदल असम गण परिषद ने धमकी दी है कि यदि केंद्र सरकार विवादास्पद नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2016 पारित करता है तो वह एनडीए से दोस्ती तोड़ लेगी।

रविवार को भाजपा केंद्रीय कार्यकेरिणी बैठक में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह दवा्रा नागरिकता(संशोधन) विधेयक पर सि्थति स्पष्ट करने के बाद असम गण परिषद की ओर से यह धमकी दी गई है। 

मंगलवार को अगप अध्यक्ष तथा सरकार में कृषि मंत्री अतुल बोरा के नेतृत्व में पार्टी विधायकों के एक दल ने ब्रहमपुत्र अतिथिशाला में मुख्यमंत्री  सर्वानंद सोनोवाल से भेंट  के बाद साफ कर दिया कि नागरिकता(संशोधन) विधेयक -2016 को  पारित किया गया तो वह भाजपा से मित्रता तोड़ लेगी।

बैठक में इस प्रस्तावित विधेयक को लेकर मुख्यमंत्री के साथ अगप प्रतिनिधिमंडल की लंबे समय तक चर्चा हुई।

अगप प्रतिनिधिमंडल में शामिल विधायक रमेंद्र नारायण कलिता ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ हुइ बैठक में उनकी पार्टी की ओर से कहा गय़ा कि अगर केंद्र विवादास्पद नागरिकता विधेयक पारित करता है तो राज्य में जारी राष्ट्रीय नागरिक  पंजी अध्दतन प्रक्रिया का कोई फायदा नहीं होगा।

मालूम हो कि नागरिकता अधिनियम  -1955 में संशोधन के लिए लोकसभा में नागरिकता (संशोधन) विधेयक -2016 पेश किया गया था ।यह विधेयक अफगानिस्तान ,बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदु ,सिख ,बौदध् ,जैन ,फारसी और ईसाई आदि अवैध नागरिकों को नागरिकता का अधिकार प्रदान करेगा ।