नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में आज डिब्रूगढ़ में सरकार की  सहयोगी असम गण परिषद ( अगप) ने शंखनाद किया । इस शंखनाद में अगप ने असम तथा अप्रवासियों को सुरक्षित करने का आहवान किया । साथ ही कहा गया कि नागरिक संशोधन विधेयक बिल को किसी भी कीमत में पारित होने नहीं दिया जाएगा । 

सबको एक साथ होकर दुगुनी शक्ति से षडयंत्रकारियों की भूमिका को नाकाम करने की अपील की गई । इस शंखनाद के माध्यम से नागरिकता संशोधन विधेयक बिल के प्रति लोगों को जागरूक करने को कोशिश की गई । 

मालूम हो कि असम गण परिषद तथा सहयोगी संगठन असम युवा परिषद डिब्रूगढ़ जिला समिति के तत्ववाधान में यह शंखनाद आयोजित हुआ । असम गण परिषद के उपस्थित नेताओं ने कहा कि असम किसी भी कीमत में बिल के षड्यंत्र  की बलि चढ़ गया तो असम व असमवासियों का अस्तित्व संकट में आ जाएगा । 

डिब्रूगढ़ में असम गण परिषद की ओर से विशाल जुलूस भी निकाला गया। जनसभा में वरिष्ट नेता से लेकर कनिष्ठ कर्मी तथा अन्य संगठन के प्रतिनिधिवर्ग, आम नागरिक आदि ने संशोधन बिल का कड़ा  विरोध किया । इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री तथा असम क्या परिषद के पूर्व सभापति प्रफुल्ल महंत, अतुल बोरा, केशव महंत आदि नेताओं ने असमवासियों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे षडयंत्र के बारे में अपना-अपना विचार रखते हुए कहा कि असमवासियों को जागना होगा । 

उन्होंने कहा कि संशोधन बिल का विरोध करना अत्यंत ही जरूरी हो गया है । इसमें मनमानी को किसी भी हालत में प्रश्रय नहीं दिया जाएगा । इसके विरोध में असम गण परिषद की भूमिका अडिग रहेगी । केंद्र सरकार अपने इरादे को येन- केन प्रकारेण षडंयत्र के तहत सफल करने में जुटी है पर उनके इरादे को चकनाचूर कर दिया जाएगा ।

पूर्व मुख्यमंत्री महंत ने कहा कि असम को विदेशियों को भरने का एक कूड़ादान बनाने में सरकार की नीति को अब सहन नहीं किया जाएगा । क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी एजीपी ने दृढनिश्चय  किया है कि केन्द्र सरकार के सफ़लता के उद्देश्य में विफलता का जवाब गणतांत्रिक तरीके से असम गण परिषद देगी। सदिया से धुबड़ी तक सबको  सतर्कता बरतने को कहा । 

असम को सुरक्षित करने में किसी भी संदेहजनक नागरिक का नाम तालिका में भरने का प्रयास अगर कहीं भी किया जा रहा है तो वे चुप्पी न बरतें । इधर बोरा ने भी संबोधित करते हुए कहा कि असम गण परिषद गठबंधन से चुनाव लड़कर अपनी नीति व आदर्श को धुमिल नहीं करेगी । नागरिक संशोधन विधेयक बिल को किसी भी कीमत में पारित होने नहीं दिया जाएगा । 

उन्होंने इस अवसर कहा कि असम आन्दोलन के जरिए अप्रवासियों की सुरक्षा व अधिकार को लेकर किया गया परिश्रम कभी भी व्यर्थ होने नही देंगे । इस कार्यक्रम के दौरान भारी संख्या में गांववासी से लेकर शहरवासी तक सभी ने विरोध प्रकट किया । मालूम हो कि असम गण परिषद के शंखनाद में डिब्रूगढ़ जिले के अलावा तिनसुकिया, दुलियाजान, नाहरकटिया, टेंगाखाट, नामरूप महामोरा आदि स्थानों से कार्यकर्ताओं ने विधेयक के खिलाफ नारेबाजी लगाते डिब्रूगढ़ में हुंकार भरी ।