असम में भाजपा आैर उसकी सहयोगी दल असम गण परिषद के बीच जारी बयानबाजी अब चरम पर पहुंच गर्इ है। राज्य के वित्त मंत्री हिमंत विस्वा सरमा के बयानों पर सोमवार को अगप प्रमुख अतुल बोरा ने पलटवार करते हुए आत्मविश्वास भरे लहजे में कहा -'हम कर्ण नहीं बन सकते हैं, हम अर्जुन बनेंगे।'

एक संवाददाता सम्मेलन में नेडा के संयोजक तथा राज्य के वित्त मंत्री डाॅ. हिमंतविस्वा  सरमा ने कहा था कि सहयोगी दल होने के नाते अगप को मित्रता धर्म का पालन करना चाहिए। सरकार में सहयोगी होते हुए भी अगप अगर भाजपा पर बारी-बारी से हमला करती रहेगी, एेसा हो नहीं सकता है। हमें भी उन्हें जवाब देना पडे़गा।

इस दौरान हिमंत ने कहा था कि हम भीष्म नहीं बन सकते हैं कि वार पर वार होता रहेगा और मित्रधर्म का पालन करते हुए चुप रहेंगे। सोमवार को अगप कर्णधार समिति की बैठक के बाद अगप अध्यक्ष ने हिमंत के ताजा बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई। उन्होंने याद दिलाया कि पंचायत चुनाव में अगप से मित्रता की बात मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और वित्त मंत्री हिमंत विस्वा सरमा ने कही थी।

जबकि, प्रदेश भाजपाध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने बारी-बारी से खुद के दम पर पंचायत चुनाव लड़ने की बात कही थी। इसके कारण अगप के तृणमूल कर्मियों ने भी भाजपा के साथ मित्रता न कर अपने ही दम पर चुनाव लड़ने की पार्टी नेतृत्व को सलाह दी। तृणमूल स्तर के अगप कर्मियों की राय लेने के बाद ही अगप ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

भाजपा-अगप के बीच की लड़ाई पर पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई द्वारा अगप की आलोचना करते हुए दिए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अगप अध्यक्ष बोरा ने कहा कि दूसरों की आलोचना करने का हक तरुण गोगोई को नहीं है। कांग्रेस पार्टी में कभी उनके सहयोगी रहे व्यक्ति गोगोई के स्वाभाव पर आगे बढ़ रहे हैं। वे बराकघाटी में कुछ कहते हैं और ब्रह्मपुत्रघाटी में अलग बयान देते हैं।