विगत विधानसभा चुनाव में पाटाचारकुची क्षेत्र में पविंद्र डेका के पक्ष में मतदान करने के लिए कहना मेरी गलती थी। क्षेत्र में भाजपा का विधायक रहने के बावजूद हमने गठबंधन का मान रखते हुए क्षेत्र में अगप के उम्मीदवार पविंद्र डेका के लिए यहां की सीट छोड़ दी थी जिसकी वजह से हमारे विधायक ने पार्टी से नाता तोड़ लिया था।


भाजपा के आत्म बलिदान की वजह से ही आज पविंद्र डेका राजपाट भोग रहे हैं। पविंद्र डेका एक स्वार्थी नेता हैं। मात्र दो साल में ही डेका ने अपना असली रूप दिखा दिया। यह कहना है स्वास्थ्य, वित्त और लोक निर्माण मंत्री हिमंत विश्व शर्मा का।


बुधवार को पाटाचारकुची क्षेत्र के सादेरी गांव में एक चुनावी सभा में शर्मा ने क्षेत्र के विधायक डेका को पत्नी से झगड़ा कर दारू पीने वाला व्यक्ति बताकर पूछा कि आखिर में डेका की भाजपा से क्या शत्रुता है। डेका को मंत्री पद देना नहीं देना हमारे हाथ में नहीं है। वह अगप की बात है। फिर वह हमारे साथ शत्रु जैसा व्यवहार क्यों करते हैं, यह हमारे समझ से बाहर है।


इस तरह से उन्होंने सभा में पविंद्र डेका को खरी-खोटी सुनाई। शर्मा ने आगे कहा कि डेका को भाजपा के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। पंचायत चुनाव में अगप-भाजपा में गठबंधन नहीं होने का एक मुख्य कारण हैं पविंद्र डेका। पविंद्र डेका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औरंगजेब तथा हिमंत विश्व शर्मा को मानसिंग बताए जान पर हिमंत विश्वशर्मा ने डेका पर पलटवार करते हुए कहा कि गुप्त हत्या के नायक प्रफुल्ल कुमार महंत को लाचित बरफूकन जाहिर करने की कोशिष करने वाले डेका जैसे अगप के नेताओं ने कांग्रेस के साथ मित्रता कर असम के विकास को विराम लगा दिया है।


क्षेत्र के विकास में भी पविंद्र डेका के फेल होने की बात कह कर शर्मा ने क्षेत्र के लोगों से अपील की कि अब क्षेत्र को हाथी की जरूरत नहीं है। इसलिए हाथी को जंगल में भेजकर कमल को खिलाओ।