तालिबान ने लगभग पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है। इसके बाद अब राजधानी काबुल पर शिकंजा कस लिया है। तालिबान के आगे अफगानी सेना ने सरेंडर कर दिया है। अफगानिस्तान की सेना ने तालिबान के सामने सफेद कपड़ों में सरेंडर किया है।

वहीं, तालिबान के नंबर-2 नेता मुल्ला बरादर अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी से सत्ता हस्तांतरण के लिए बात कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अली अहमद जलाली को राष्ट्रपति अशरफ गनी सत्ता सौपेंगे।

- अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने सेना से अपील की है कि काबुल में कानून-व्यवस्था बनाए रखें।

- तालिबान की ओर बयान जारी किया गया है कि देश की राजधानी काबुल सबसे बड़ा और सबसे अधिक आबादी वाला शहर है जहां किसी की जान, संपत्ति और सम्मान को नुकसान नहीं होगा। लेकिन दहशत के बीच लोग काबुल छोड़ना चाहते हैं। काबुल की सड़कें पर भारी जाम लग गया है।

- सूत्रों के मुताबिक, भारत की ओर से अभी राजनयिकों को बुलाने पर फैसला नहीं हुआ है। हालात को देखकर उनको बुलाने पर निर्णय लिया जाएगा. वहीं, ब्रिटेन सरकार अपने राजदूत को एयरलिफ्ट करने का फैसला किया है।

- तालिबान ने सबसे बड़ी बगराम जेल पर कब्जा कर लिया है। यहां बंद तालिबानी कैदियों को मुक्त कर दिया गया है। इसे अमेरिका द्वारा नियंत्रित किया जा रहा था, लेकिन एक जुलाई के बाद अफगानिस्तान सेना के नियंत्रण में आ गया था।

- थोड़ी देर पहली एयर इंडिया की उड़ान AI243 काबुल हवाई अड्डे पर उतरी है।

काबुल में दाखिल नहीं होंगे लड़ाके
अफगानिस्तान के कार्यवाहक गृह मंत्री अब्दुल सत्तार मिर्जकवाल ने कहा, 'काबुल पर हमला नहीं होगा, सत्ता परिवर्तन शांतिपूर्वक ढंग से होगा।' उन्होंने कहा कि काबुल की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिक्योरिटी फोर्स की है। फिलहाल लड़ाके राजधानी से बाहर ही रहेंगे और जब तक सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती वे अंदर दाखिल नहीं होंगे।

काबूल से पहले शनिवार को तालिबान ने जलालाबाद पर भी कब्जा कर लिया था। इसके बाद काबुल ही बड़ा शहर बचा था जो तालिबान के आतंक से सुरक्षित माना जा रहा था। जलालाबाद पर कब्जा करके तालिबान ने राजधानी काबुल को देश के पूर्वी हिस्से से काट दिया था। जानकारी मिली थी कि जलालाबाद के गवर्नर ने बिना किसी संघर्ष के सरेंडर कर दिया था, क्योंकि वह आम लोगों को नुकसान से बचाना चाहते थे।

पाकिस्तान के पूर्व सीनेटर अफरासियाब खट्टक ने दावा किया था कि अफगानिस्तान के बिगड़ते हालात के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) का हाथ है,  जिसका समर्थन तालिबानियों को मिला हुआ है। अफरासियाब ने कहा कि आईएसआई तालिबानियों की मदद, अफगानिस्तान को अस्थिर करने में कर रहा है। महज कुछ दिनों के भीतर ही तालिबानी आतंकी काबुल पर भी कब्जा कर लेंगे।

कुछ दिन पहले ऐसी खबरें आई थीं कि जैसे-जैसे तालिबान का कब्जा बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे लड़कियों और महिलाओं पर अत्याचार भी बढ़ते जा रहे हैं। तालिबान लड़कियों और महिलाओं का अपहरण कर रहा है और उसके आतंकी उनसे जबरन शादी कर रहे हैं। ब्रिटिश मीडिया ने दावा किया था तालिबान जैसे ही किसी नए इलाके या शहर पर कब्जा करता है, वैसे ही मस्जिदों से पुलिसकर्मियों और सरकारी कर्मचारियों की पत्नियों और विधवाओं को उन्हें सौंपने का ऐलान करवाता है।