केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार की पुनः वापसी के बाद नागरिकता संशोधन विधेयक-2016 को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। लोकसभा चुनाव पूर्व प्रचार अभियान के दौरान भाजपा द्वारा नागरिकता विधेयक को दोबारा लाने की प्रतिबद्धता वाले बयान को लेकर लोग शंकित हैं। संभवतः इसलिए मेघालय में इस विषय पर दोबारा चर्चा छिड़ गई है। अमित शाह ने लोस चुनाव प्रचार के दौरान नागरिकता विधेयक को पुनः लाने की प्रतिबद्धता की बात कही थी। मोदी मंत्रिमंडल में अब वह केंद्रीय गृहमंत्री बने हैं। मेघालय में इस विधेयक का पुरजोर विरोध होता आया है।

इस बीच भाजपा के राज्यिक वरिष्ठ नेता तथा प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एएल हेक ने दोहराया है कि नागरिकता संशोधन विधेयक एक राज्य का विषय होना चाहिए और अगर केंद्र में एनडीए सरकार विधेयक पर जोर देती है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष मामला उठाएंगे। उनके अनुसार यदि विधेयक को राज्य का विषय बनाया जाता है, तो कोई समस्या नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस मामले को नहीं उठाया है, क्योंकि इस विचार को अब समाप्त कर दिया गया है।


गौरतलब है कि लोकसभा में विवादास्पद नागरिकता विधेयक लागू होने के बाद पूर्वोत्तर क्षेत्र में व्यापक हिंसक विरोध के बाद केंद्र ने राज्यसभा में बिल पेश नहीं किया था। वहीं हेक ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने शिलांग से लोकसभा चुनाव जीतने के लिए कड़ी मेहनत की, लेकिन उम्मीद के मुताबिक वोट हासिल करने में नाकाम रही। भाजपा शिलांग से लगभग 76000 और तुरा से  31000 वोट प्राप्त करने में सफल रही। उनका कहना था कि देश के अन्य हिस्सों के सामान पूर्वोत्तर भारत में विकास होना चाहिए। केंद्र में मोदी सरकार ने सदैव सबका साथ सबका विकास ध्येय को आगे बढ़ाया है।