गुजरात में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने शनिवार को गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को गांधीनगर स्थित उनके आवास राजभवन में अपना इस्तीफा सौंप दिया। भाजपा नेता ने पुष्टि की कि उन्होंने शीर्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि राज्‍य में अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी ने यूं ही नहीं चेहरा बदलने का दांव खेला है। गुजरात से नरेंद्र मोदी के हटने के बाद बीजेपी की पकड़ कमजोर हुई है। 

बीजेपी के दो शीर्ष नेता- मोदी और अमित शाह, दोनों गुजरात से आते हैं। ऐसे में वहां बीजेपी का कमजोर पड़ना बाकी राज्‍यों के लिए ठीक संकेत नहीं होगा। बीजेपी के रुपाणी को हटाने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। विजय रुपाणी के नेतृत्‍व वाली सरकार के चुनाव में जाने पर बीजेपी को एंटी-इनकम्‍बेंसी की चिंता खाए जा रही है। 2012 के मुकाबले जिस तरह 2017 में पार्टी की परफॉर्मेंस गिरी, उससे पार्टी के कान खड़े हो गए। पार्टी के लिए चुनौती सिर्फ कांग्रेस से नहीं है, अब आम आदमी पार्टी भी वहां पर मजबूती से पांव जमा रही है। इसी साल हुए निकाय चुनावों में AAP का खाता खुल चुका है। विधानसभा चुनाव से पहले AAP की यहां पर आक्रामक प्रचार की योजना है।


विजय रूपाणी ने राजभवन में संवाददाताओं से कहा, मैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं। मुझे पांच साल तक काम करने का मौका देने के लिए मैं पीएम मोदी और पार्टी को धन्यवाद देता हूं। जब उनसे पूछा गया कि चुनाव के लिए चेहरा कौन होगा, रूपाणी ने कहा, मैं संगठन का सिर्फ एक कार्यकर्ता हूं और आगे भी रहूंगा। आगामी राज्य विधानसभा चुनावों के लिए निश्चित रूप से हमारे पीएम मोदी चेहरा होंगे।उन्होंने कहा, पार्टी मुझे जो भी जिम्मेदारी देगी, मैं उसे स्वीकार करूंगा। 

विजय रूपाणी ने 7 अगस्त 2016 को राज्य के मुख्यमंत्री का पद ग्रहण किया था और वह गुजरात विधानसभा में राजकोट पश्चिम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। सूत्रों से पता चला है कि पार्टी रविवार तक सीएम के लिए नाम की घोषणा करेगी। बताया जा रहा है कि केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला, गुजरात के डेप्‍युटी सीएम नितिन पटेल और गुजरात बीजेपी अध्‍यक्ष सीआर पाटिल में से कोई एक नया सीएम बन सकता है।