अफगानिस्तान में तालिबान की जीत पर कई अन्य आतंकी संगठन खुशी जता रहे हैं। जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन के संस्थापक मौलाना मसूद अजहर भी इस लिस्ट में शामिल हो गया है। मसूद ने अमेरिका समर्थित अफगान सरकार के गिरने पर खुशी जताई है।

 16 अगस्त को ‘मंजिल की तरफ’ शीर्षक से लिखे आर्टिकल में जैश के संस्थापक ने अफगानिस्तान में मुजाहिदीनों की जीत पर ऊपरवाले का शुक्रिया अदा किया। इस लेख में मसूद अजहर ने यह भी दावा किया है कि अफगानिस्तान के एक या दो प्रांतों में प्रमुख या उप प्रमुख की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद को दी जा सकती है। वहीं जैश के सदस्यों को भविष्य में कश्मीर के लिए तैयार रहने को कहा गया है। 

बताया जाता है कि बहावलपुर स्थित जैश के मरकज में इसके सदस्यों के बीच एक खास मैसेज भी भेजा जा रहा है। इस संदेश में जैश के सदस्यों से तालिबान की जीत पर खुशी जताने और ऊपरवाले का शुक्रिया अदा करने के लिए कहा जा रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं जैश के सदस्यों से भविष्य में कश्मीर के लिए तैयारी करने को कहा गया है। 

गौरतलब है कि जैश नाटो सेनाओं और अफगान नेशनल डिफेंस एंड सिक्योरिटी फोर्सेज के खिलाफ लड़ाई में तालिबान का साथ देता रहा है। इस वजह से उसकी जीत पर जैश में खुशी का माहौल है। 

इससे पूर्व अलकायदा की यमन ब्रांच भी तालिबान की जीत पर बधाई संदेश दे चुकी है। साथ ही उसने सैन्य अभियानों को जारी रखने को कहा था। गौरलतब है कि तालिबान ने अलकायदा के लीडर ओसामा बिन लादेन को 1996 से 2001 के बीच शरण दी थी। इस बीच विशेषज्ञों ने इस बात को लेकर चिंता जाहिर की है कि अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान आतंकवाद को पनाह दे सकता है।