नई दिल्ली. देश में जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा को देखते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मौलानाओं और उलेमाओं से टीवी न्यूज चैनल्स के डिबेट में शामिल नहीं होने की अपील की है. उधर, सपा और भाजपा ने भी प्रवक्ताओं पर धार्मिक मुद्दों पर बयान देने से रोक लगा दी है.

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ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने लेटर जारी किया. उसमें लिखा, उलमा, मौलाना उन टीवी चैनलों की डिबेट्स में भाग न लें, जिनका उद्देश्य केवल इस्लाम और मुसलमानों का मजाक उड़ाना है. ऐसे कार्यक्रमों में जाकर वह अपने धर्म का मजाक बनाते हैं.

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लेटर में आगे लिखा है, कार्यक्रमों में भाग लेकर वे इस्लाम और मुसलमानों की कोई सेवा नहीं कर पाते, बल्कि सीधे तौर पर इस्लाम और मुसलमानों का अपमान ही करते हैं. कार्यक्रमों का उद्देश्य चर्चा के माध्यम से किसी निष्कर्ष पर पहुंचना नहीं है, बल्कि इस्लाम और मुसलमानों को बदनाम करना है. सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने सभी प्रवक्ताओं के डिबेट में शामिल होने पर रोक लगा दी है. अखिलेश यादव ने सभी मीडिया पैनलिस्ट और प्रवक्ताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे प्रदेश और देश भर में शुरू हुए विरोध-प्रदर्शनों को लेकर होने वाली डिबेट में शामिल नहीं होंगे.

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धार्मिक मुद्दों पर भाजपा प्रवक्ता नहीं देंगे बयान

पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने वाले नूपुर शर्मा और नवीन कुमार पर कार्रवाई के बाद भाजपा ने एक और एक्शन लिया है. यूपी में भाजपा ने अपने सभी पार्टी प्रवक्ताओं को देशभर में धार्मिक मुद्दों को लेकर हुए बवाल मामले में बयान देने पर रोक लगा दी है. साथ ही धार्मिक मुद्दों पर बयान देने से पहले पार्टी से परमिशन लेने के लिए कहा है. टीवी डिबेट या फिर मीडिया बाइट्स के लिए पार्टी ने अपनी आधिकारिक लाइन तय की है.