अरुणाचल प्रदेश की सियांग नदी के बाद अब असम का ब्रहमपुत्र नदी का पानी भी कला दिखाई देने लगा है जिस के बाद ब्रहमपुत्र के किनारे रहने वाले लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। पिछले करीब एक सप्ताह से गुवाहाटी में भी ब्रहमपुत्र का पानी आम दिनों के बजाए कुछ काला नज़र आ रहा है।

गुवाहाटी नगर निगम के अधिकारीयों के अनुसार ब्रह्मपुत्र का पानी ट्रीटमेंट के बाद शहर में सप्लाई किया जाता। लेकिन पिछले एक सप्ताह से ट्रीटमेंट के बाद भी पानी पूरी तरह साफ़ नहीं हो रहा है।

गुवाहाटी शहर में भी जहां लोग घरों में नगर निगम का पानी इस्तेमाल करते हैं, वह पानी में कीचड़ जैसी परत मिलने की श्कियात  कर रहे हैं।

बता दें के करीब एक सप्ताह पहले अरुणाचल प्रदेश के सियांग नदी का पानी काला होने की है खबर से पहले ही लोग गबराए हुए हैं। सियांग नदी का पानी ऐसा हो गया है कि उसका इस्तेमाल किसी भी काम के लिए नहीं किया जा सकता है।

बीते रविवार को सियांग नदी का दौरा करने के बाद लोकसभा के सदस्य नोनिंग एरिंग ने भी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिख कर कहा था कि यह एक असामान्य घटना है, वह भी सर्दी के दिनों में। उन्होंने कहा कि यह चीनी सरकार सियांग नदी (तिब्बत में सांगपो) को संभवतः मोड़ने के कारण यह हो सकता है। प्रधान मंत्री से इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की मांग की थी।

चीन से भारत में प्रवेश करने वाली ब्रह्मपुत्र नदी के पानी का रंग काला होने की खबर को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने इस मामले पर जांच शुरू की है। शुरुआती जांच में पता चला कि तिब्बत में आए भूकंप के कारण नदी में कई तरह की चीजें आई गईं, जिससे उसके पानी का रंग गंदा दिख रहा है। 17 नवंबर को तिब्बत में उच्च तीव्रता का भूकंप आया था, इसके बाद से ही नदी के पानी रंग बदला। जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने यह बात कही।