मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक किसान की मौत हो गई तो उसे फिरसे दोबारा जीवित करने का प्रयास किया गया। इस दौरान किसान के शव को उल्टा लटकाया गया और शव के चारों ओर जयकारे लगाए गए। आश्चर्य की बात ये है कि यह सब उस किसान के घरवालों ने मिलकर किया। उनको विश्वास था कि मौत के बाद भी वह किसान जिंदा हो जाएगा।

दरअसल, यह घटना मध्य प्रदेश के गुना जिले की है। आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां स्थित सानई पुलिस चौकी क्षेत्र के जोगीपुरा गांव स्थित तालाब में डूबने के कारण एक किसान की मौत हो गई। बताया गया कि किसान का अपने बेटे से कुछ विवाद चल रहा था। इसी कड़ी में किसान और उसके बेटे के बीच फिरसे विवाद हो गया था जिसके बाद प‍िता ने तालाब में छलांग लगा दी और सुसाइड कर लिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, जोगीपुरा तालाब में बारिश का पानी खूब भरा हुआ था। इसी में डूबकर किसान की मौत हो गई। किसान के शव को तालाब से बाहर लाया गया और गांव के किनारे बने एक पेड़ पर उल्टा लटका दिया गया। किसान के घरवालों का कहना था कि इससे किसान जीवित हो जाएगा। इस दौरान उसके शव को पेड़ पर झुलाया गया। इस बीच ग्रामीणों ने जयकारे भी लगाए।

किसान के ही परिजनों का मानना था क‍ि डूबने के कारण शरीर में जो पानी भरा हुआ है वो बाहर निकल आएगा और किसान दोबारा जीवित हो जाएगा। अंधविश्वास के चलते लोगों ने घेरा बनाकर शव को बीच में पेड़ पर लटका दिया और चारों तरफ से जयकारे लगाने लगे। इसी दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दे दी और पुलिस मौके पर पहुंच गई। किसान के घर वालों को पुलिस ने भी समझाया लेकिन वे लोग नहीं माने।

तमाम प्रयासों के बाद किसान जीवित नहीं हुआ. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब तब हुआ जब पिता और बेटे के बीच झगड़ा हो गया और किसान ने तालाब में छलांग लगा दी। किसान के शव को ढूंढने के लिए तालाब की बाउंड्री को जेसीबी मशीन से तोड़ा गया। फिलहाल अब किसान की मौत हो चुकी है। इस मामले में पुलिस का कहना है कि जब उसे पेड़ पर उल्टा लटकाया गया तो वह मौजूद थी लेकिन किसान के घरवालों ने उनकी बात नहीं मानी। पुलिस ने कहा कि इस तरह के अंधविश्वास से बचा जाना चाहिए।