बाल कल्याण समिति गुमला में वर्ष छह वर्षोँ से रह रही असम की एक किशोरी आज अपने परिवार के सदस्यों से मिली। आवश्यक कार्रवाई के बाद समिति ने किशोरी को उसके स्वजनों को सौंप दिया। स्वजनों के साथ घर जाने को लेकर किशोरी काफी खुश नजर आ रही थी। 

उसने बाल कल्याण समिति और ज्ञानाश्रय के प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त कि‍या। समिति के सदस्यों ने बताया कि वर्ष 2015 में इस बच्ची को रांची प्रेमाश्रय से गुमला सीडब्ल्यूसी भेजा गया था। मिसिंग बच्ची के रूप में इसे गुमला ज्ञानाश्रय में रखा गया था। वह अपना और अपने पिता के नाम के अलावा यह बच्ची कुछ नहीं बता पा रही थी। 

इस कारण इसके परिजनों को इसका पता लगाने में काफी परेशानी हुई। इस बच्ची का नामांकन गुमला कस्तूरबा में कक्षा छह में कराया गया था अभी वह कक्षा 10वीं कक्षा में पढ़ रही है। हरियाणा के एक एसआइ राजेश कुमार के सहयोग से इस बच्ची के घर का पता किया गया। इसके माता-पिता नहीं है। इसकी बड़ी मां सनियारो होरो और भाई अविराम होरो गुमला पहुंचे। आवश्यक कार्रवाई के बाद बच्ची को परिजनों को सौंप दिया। यह बच्ची असम में सोनीत जिला के तेजपुर की रहने वाली है।