अरुणाचल प्रदेश की सियांग नदी का पानी काला पडऩे के बाद अब असम की ब्रह्मपुत्र नदी का पानी दूषित होने से चिंता की स्थिति पैदा हो गई है। असम के वरिष्ठ नेता रिपुन बोरा नदी के पानी का रंग कला होने की वजह चीन को बताया है। यह पहले ही साबित हो चुका है कि ब्रह्मपुत्र नदी में बढ़ती गंदगी से अब इसका पानी पीने योग्य नहीं रहा। इसे देखते हुए असम के नेता रिपुन बोरा ने बीते दिनों राज्यसभा में यह मामला उठाया था। उनके मुताबिक नदी के पानी का दूषित होना कई लोगों के जीवन के लिए खतरा साबित हो सकता है, जो इस पर निर्भर है।

उन्होंने कहा, पिछले एक महीने से ब्रह्मपुत्र के पानी में असामान्य परिवर्तन दिख रहे हैं और यह जहरीला, सीमेंट युक्त और गंदा हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप कई जंगली जानवर और मछलियां इस पानी के सेवन से मर चुके हैं। इस समस्या ने ब्रह्मपुत्र घाटी सभ्यता को खरते में डाल दिया है। बोरा ने इस मामले में चीन को दोषी ठहराते हुए कहा कि ब्रह्मपुत्र का पानी काला पडऩे का जिम्मेदार चीन का 1000 किलोमीटर टनल प्रॉजेक्ट है। दूसरी ओर चीन ने इस मामले में पल्ला झाड़ते हुए टनल बनाने की बात को गलत बताया है।

इससे पहले अरुमाचल प्रदेश की सियांग नदी के पानी के काला पडऩे को भी चीन से जोड़ा गया था। सियांग के पानी को इस्तेमाल करने के लिए उपयुक्त नहीं बताया गया था। जिले के उपायुक्त ने भी उस वक्त आशंका जाहिर की थी कि शायद चीन में सीमेंट से जुड़ा कोई काम हो रहा है। भारत को अंदेशा है कि चीन नदी के तिब्बती हिस्से को शिनिजियांग प्रांत में मोडऩा चाहता है,इसलिए वह 1000 किलोमीटर का एक टनल बना रहा है। हालांकि चीन ने इस दावे को खारिज किया था।