पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी में बड़ी टूट की खबरें सामने आ रही हैं। सोमवार को बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी गर्वनर जगदीप धनखड़ से मिलने पहुंचे तो उनके साथ 77 में से सिर्फ 51 विधायक ही राजभवन जा सके। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य बीजेपी में किसी बगावत के संकेत देना शुरू कर दिया है।

पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी राज्य के चुनाव परिणामों के घोषित होने के बाद हुई हिंसा के बारे में बात करने के लिए राज्यपाल से मिलने पहुंचे। बीजेपी नेता के साथ प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते कुल 51 विधायक भी पहुंचे। हालांकि विधानसभा में पार्टी के कुल विधायकों की संख्या 77 है। इन विधायकों ने हिंसा की घटनाओं पर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।

लेकिन बड़ी बात ये कि राज्यपाल से मुलाकात के दौरान अधिकारी सिर्फ 51 विधायकों को ले जा सके। शेष 26 विधायक अधिकारी के साथ नहीं गए, इस बात को लेकर अब राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। ये वाकया ऐसे वक्त में हुआ है, जबकि तृणमूल कांग्रेस से बीजेपी में आए तमाम नेताओं की अब टीएमसी में वापसी होने लगी है।

टीएमसी छोड़कर बीजेपी में आए मुकुल रॉय हाल ही में फिर से ममता बनर्जी के साथ हो गए हैं। भारतीय जनता पार्टी के कुछ और नेताओं के टीएमसी के संपर्क में होने की खबरें हैं। ऐसे में इन सब स्थितियों को देखते हुए ये कहा जा रहा है कि ऐसा संभव है कि बीजेपी के कई विधायक जल्द ही तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा बन जाएं। हालांकि बीजेपी ऐसी किसी भी बगावत की संभावना से इनकार कर रही है। लेकिन सुवेंदु के साथ ना जाने वाले विधायकों की गैर हाजिरी पर पार्टी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।