मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में पुलिस ने नोटबंदी के साढ़े चार साल बाद चौंकाने वाले मामले में 3.76 लाख रुपए कीमत के चलन के बाहर हुए नोट बरामद कर 5 लोगों को सोमवार को गिरफ्तार किया। 

अपराध निरोधक शाखा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) गुरुप्रसाद पाराशर ने बताया कि इन लोगों को मुखबिर की सूचना पर जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर मानपुर क्षेत्र में एक खेत से पकड़ा गया। वे खंडवा और धार जिलों के रहने वाले हैं।

     

एएसपी ने बताया कि इनके पास चलन से बाहर हो चुके 500 और 1,000 रुपये के नोटों की शक्ल में कुल 3.76 लाख रुपये कीमत के नोट मिले। पाराशर ने बताया, "पूछताछ में आरोपी इस सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके कि उनके पास बंद नोटों की यह खेप कहां से आई? वे अजीबो-गरीब बहाना बनाने लगे कि वे बंद नोटों को तंत्र-मंत्र के जरिए 500 रुपये के वर्तमान में प्रचलित नोटों से बदलना चाहते थे।"

     

एएसपी ने बताया कि जांच के जरिए पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने बंद नोटों की खेप किन लोगों से हासिल की थी और वे इसका क्या उपयोग करने जा रहे थे? बहरहाल, बंद नोटों की बड़ी खेपें इंदौर जिले में पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं। लेकिन कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब तक खुलासा नहीं कर सकी हैं कि 500 और 1,000 रुपये के बंद नोटों को नए नोटों से बदलने के गोरखधंधे में कौन लोग शामिल हैं और नोटबंदी को लंबा समय बीत जाने के बावजूद वे बंद नोटों को आखिर किस तरह खपाते हैं? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोट बंद किये जाने की घोषणा की थी।