मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता मुकुल संगमा ने राज्य में हुई ङ्क्षहसा के लिये कोनराड संगमा सरकार की कटु आलोचना की और इससे निपटने के लिए कहा।


संगमा ने शनिवार को जारी किये अपने बयान में कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के कारण हुई हिंसा में अभी तक एक व्यक्ति की मौत और अन्य कई लोगों के घायल होने से मैं (संगमा) बहुत दुखी हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने हिंसा की निंदा करते हुये कहा, 'सीएए के कारण देश में अविश्वास और घृणा का मौहाल बना हुआ है।'


उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को न रोक पाना राज्य सरकार की विफलता है इसकी कड़ी ङ्क्षनदा की जानी चाहिए। इसी बीच मेघालय प्रदेश युवा कांग्रेस (एमपीवाईसी) ने भी शुक्रवार को इचमाती गांव में हुई हिंसक घटना की निंदा की है।


एमपीवाईसी के अध्यक्ष रिचर्ड मार्क ने कहा, 'केंद्र सरकार को भारत और उसके लोगों के बारे में समझना चाहिए और लोगों पर जबरन अपनी राजनीति इच्छाशक्ति थोपना बंद करें। हम चेतावनी देते हैं कि सीएए से होने वाला प्रभाव व्यापक है और यह एक खतरनाक भविष्य की ओर इशारा करता है।'