दिल्ली के बाद हरियाणा के भी 14 जिलों में (firecrackers banned in 14 districts of Haryana) पटाखों पर बैन लगा दिया गया है।  प्रदेश में एनसीआर के साथ 14 जिलों में पटाखों के इस्तेमाल और बिक्री पर रोक लगा दी गई है।  प्रदूषित क्षेत्रों में भी लोग पटाखों (Firecrackers) का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।

 लोग सिर्फ ग्रीन ( People can use only green crackers) पटाखों का ही इस्तेमाल कर सकते हैं।  राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने समय भी तय कर दिया है।  दिवाली पर सिर्फ (Only two hours of crackers will be allowed on Diwali) दो घंटे पटाखा चलाने की आज्ञा होगी।  इस दौरान पुलिस टीमें निरीक्षण भी करेंगी।  खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों व कस्बों पर भी यह निर्देश लागू होंगे। 

दिवाली गुरुपर्व और छठ (Gurpurab and Chhath) पर पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर हरियाणा सरकार ने गाइडलाइंस जारी की है।  एनसीआर में आने वाले सभी 14 जिलो में पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर बैन लगाया गया है।  ऐसे शहरों और कस्बों में जहां वायु प्रदूषण का स्तर खराब और औसत श्रेणी में है, वहां भी पटाखों पर प्रतिबंध रहेगा।  इसके अलावा बाकी इलाकों में ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को अनुमति दी गई। 

दिवाली पर ग्रीन पटाखे रात 8 बजे से 10 (Green crackers can be burst on Diwali from 8 pm to 10 pm) बजे तक चलाए जा सकेंगे. छठ पर्व पर पटाखे सुबह 6 बजे से सुबह 8 बजे तक चला जा सकेंगे. नए साल के मौके पर रात 11.55 से लेकर 12.30 तक ही पटाखे चलाए जा सकेंगे. पटाखों की बिक्री सिर्फ लाइसेंस विक्रेता ही कर सकेंगे ऑनलाइन पटाखों की बिक्री पर रोक लगाई गई.

ऑनलाइन बिक्री और डिलीवरी नहीं की जा सकेगी (Online sales and delivery will not be possible) 

जिलों के डीसी निरीक्षण समितियों का गठन करेंगे और मुनादी कराएंगे. वायु प्रदूषण वाले इलाकों पर पटाखों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी. वहीं, सिर्फ लाइसेंस धारक ही पटाखों की बिक्री कर सकेंगे. इस दौरान पटाखों की ऑनलाइन बिक्री और डिलीवरी नहीं की जा सकेगी. शादी-विवाह कार्यक्रम में भी एनसीआर के जिलों और प्रदूषित क्षेत्रों में सिर्फ ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति होगी.