दुनिया के इंसानों में जानवरों से होने वाले रोगों का खतरा बढ़ गया है। कोरोना वायरस के बाद अब जानवरों से निकला एक और वायरस सामने आया है। चीन में मंकी-बी वायरस से एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह बहुत ही दुर्लभ किस्म का संक्रामक रोग है, जो एक खास प्रजाति के बंदरों से ही फैलता है।

पेइचिंग में इस वायरस से मरने वाला व्यक्ति पेशे से वेटरनरी डॉक्टर था और यह वहां पर ऐसा पहला मामला है। चीनी रोग नियंत्रण और निवारण केंद्र के अनुसार, यह व्यक्ति एक ऐसे शोध संस्थान में काम कर रहा था, जहां प्राइमेट जानवरों का प्रजनन किया जाता है। उसने मार्च में दो मृत बंदरों का डाईसेक्शन किया था। एक महीने बाद उसे उल्टियां हुईं और बुखार आया। 27 मई को उसकी मौत हो गई। अप्रैल में उसके रक्त और थूक के नमूने चीनी रोग नियंत्रण केंद्र में भेजे गए, जिसमें शोधकर्ताओं को मंकी-बी वायरस का प्रमाण मिला। उसके साथ काम करने वाले एक डॉक्टर और नर्स की रिपोर्ट नेगेटिव आई।

मंकी-बी या हर्पीस बी वायरस ‘मकाक’ प्रजाति के बंदरों में पाया जाता है। मनुष्यों में पहुंचने पर यह वायरस घातक हो जाता है, हालांकि इस तरह के मामले बहुत कम होते हैं। जापान में कोबे विश्वविद्यालय के संक्रामक रोग विशेषज्ञ केंटारो इवाटा का कहना है कि यह वायरस केंद्रीय स्नायु संस्थान पर हमला करता है। इससे दिमाग सूज जाता है और चेतना चली जाती है। वक्त पर इलाज न होने पर ऐसे मामलों में मौत दर 80 प्रतिशत होती है।