धर्म परिवर्तन के कारण गोइलकेरा के रघुनाथपुर गांव में 3 परिवारों के 16 सदस्यों का ग्रामीणों ने हुड़का जाम कर दिया है। गांव नहीं छोड़ने पर जान से मारने की धमकी दी गई है। जान बचाने के लिए तीनों परिवार के सदस्य 4 दिन से इधर-उधर भटक रहे हैं। रघुनाथपुर के टोला डिबरूसाई के तीन परिवारों ने 4-5 वर्ष पहले सरना से ईसाई धर्म परिवर्तन किया था।


इसके बाद से इन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। अब पीड़ित परिवारों को गांव छोड़ने को कह दिया गया है। 9 नवंबर को ग्रामीण मुंडा की अध्यक्षता में बैठक कर तीनों परिवार को जान से मारने की धमकी, जमीन से बेदखल एवं सामाजिक बहिष्कार के साथ सभी मौलिक सुविधाओं से वंचित करने का ऐलान किया गया। मुख्य रास्ते पर चलने से भी मना किया गया। तीनों परिवार बीहड़ जंगल वाले रास्ते से होकर 1 किमी दूर चुआं का पानी पीने को विवश हैं।
 


पीड़ित परिवार के अनुसार, 9 नवंबर को बैठक के दौरान ग्रामीण मुंडा ने तीनों परिवारों को पैसा का प्रलोभन दिया था। सरना धर्म में लौटने पर सभी प्रतिबंधों से मुक्त करने की बात कही। पर परिवार सहमत नहीं हुआ। अभी जान से मारने की धमकी देते हुए जमीन से बेदखल करने, घर जलाने, राशन कार्ड से चावल न देने, जल स्रोतों से पानी नहीं लेने सहित बच्चों एवं जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर एवं अभिप्रमाणित नहीं करने व मालगुजारी रसीद नहीं दिया जा रहा। सरकारी रास्ते पर चलने से भी मनाही है।
 


एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ित परिवार ने बताया- मुंडा मनदत्ता नायक ने नाै नवंबर काे गांव में बैठक बुलाई। बैठक में मुंडा समेत अन्य ग्रामीणों ने उनके संपत्ति पर अपना कब्जा करने और उसका उपभोग करने का ऐलान किया गया। मारपीट करते हुए गाली गलौज किया। धमकी के बाद गोइलकेरा थानेदार ने ग्रामीण मुंडा को बुलाकर समझौता कराने की बात कही थी। एसपी इंडजीत महथा ने कहा गांव से निकालने जैसी बात नहीं है। फिर भी ऐसी सूचना है तो गंभीर है। मामले की जांच कराता हूं।