उम्मीदवार बबीता शर्मा के बाद निर्दलीय उपमन्यु हजारिका ने भी गुवाहाटी लोकसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी की भूमिका पर उंगली उठाई है। भारत निर्वाचन आयोग को पत्र भेज हजारिका ने उन्हें हटाने की मांग भी की है। गौहाटी हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता हजारिका गुवाहाटी लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं। निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ अपनी शिकायत में उन्होंने दो आधार दिए हैं। सबसे पहली शिकायत तेजपुर लोकसभा क्षेत्र की तथाकथित अनुपयुक्त ईवीएम वहां से ट्रकों में लादकर अमीनगांव स्थित एक निजी संस्थान के वेयरहाउस में रखने से संबंधित है।

कहा गया है कि गुवाहाटी लोकसभा क्षेत्र के एक उम्मीदवार के संज्ञान में लाए बिना यह काम किया गया था। यह मामला अलग-अलग मीडिया में भी काफी चर्चा का विषय रहा है। हजारिका ने कहा है कि रात के अंधेरे में इस तरह के हस्तांतरण की जानकारी तेजपुर और गुवाहाटी संसदीय क्षेत्रों के एक भी उम्मीदवार को नहीं दी गई थी। यह दोनों संसदीय क्षेत्रों के निर्वाचन अधिकारियों की ओर से की गई एक बहुत गंभीर चूक थी। उनके मुताबिक यह मामला इसलिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि उक्त कथित अनुपयुक्त इलेक्ट्राॅनिक वोटिंग मशीनों को गुवाहाटी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के समीपस्थ कमरे में रखा गया था, वह भी किसी उम्मीवार की जानकारी के बगैर।

दूसरा गंभीर ममला विगत 17 मई को सामने आया। उपरोक्त निर्वाचन अधिकारी ने एक पत्र जारी कर बिना कोई कारण बताए मतगणना के तीन दिन पहले 20 मई को उम्मीदवार के सामने अमीनगांव स्थित स्ट्रांग रूम खोले जाने की अग्रिम सूचना दी थी। हजारिका ने निर्वाचन अधिकारी पर निर्वाचन परिणाम को प्रभावित करने के लिए संपार्श्विक उद्देश्य से काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उन्हें उक्त अधिकारी की निष्पक्ष रूप से निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न करा पाने की क्षमता पर भरोसा नहीं है। राज्य में 11,18 और 23 अप्रैल को तीन चरणों में लोकसभा चुनाव संपन्न हुए थे। मतगणना 23 मई को की जाएगी।