उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत अपने बयानों के चलते लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। पीएम मोदी की भगवान राम से तुलना करने के बाद अब उन्होंने फटी जीन्स  पहनने वाली महिलाओं को लेकर विवादित बयान दे दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाएं अपने बच्चों को क्या संस्कार देंगी। रावत देहरादून में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

सीएम मंगलवार को बाल अधिकार सरंक्षण आयोग द्वारा बच्चों में बढ़ती नशे की लत, रोकथाम और पुनर्वास विषय पर आयोजित सम्मेलन में बोल रहे थे। सीएम तीरथ सिंह रावत ने बच्चों में नशे की प्रवृत्ति के लिए संस्कारों पर जोर देते हुए कहा कि बच्चा स्कूल से नहीं घर से संस्कार सीखता है। उन्‍होंने कहा कि बच्चा जो देखता है, वही करता है। सीएम यहीं नहीं रुके बल्कि उन्‍होंने पाश्चात्य सभ्यता पर तंज कसने शुरू किए तो फिर उनका पूरा भाषण इसी में उलझ कर रह गया।

सीएम ने कहा कि भौतिकवाद की चकाचौंध के पीछे आज यहां का नौजवान और नौजवान ही नहीं युवतियां भी भाग रही हैं। जो देखा वही करने लगते हैं। टीवी में देखा बढ़िया सी जीन्स का एडवर्टाइजमेंट तो दूसरे दिन वही आ जाती है। पहली पसंद होती है फटी हुई जींस। उन्‍होंने कहा कि जिसने फटी हुई जीन्स पहनी वो बड़े बाप का बेटा हो गया। पिता जी भी पहले पापा अब डैड हो गए। 

सीएम यहीं नहीं रुके, कहा कि पश्चिमी देश आज हमारा अनुकरण कर रहे हैं। ऋषिकेश में जाइए वहां विदेशी लोग योगा कर रहे हैं। उनका पूरा तन बदन ढका हुआ है और हम नंगा भाग रहे हैं। तीरथ सिंह रावत ने कहा फटी हुई जींस पहनना स्टेटस सिंबल हो गया है। 

सीएम ने अपनी एक यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि एक बार जब वे हवाई जहाज से यात्रा कर रहे थे, तो उनकी बगल की सीट पर एक महिला बैठी थी। महिला ने पैरों में बड़े बड़े जूते पहने हुए थे। थोड़ा सा ऊपर देखा तो जीन्स और वो भी घुटनों में फटी हुई। मैंने उस महिला से पूछा कि आप क्या काम करती हैं, तो उन्होंने कहा कि वे समाज सेविका हैं। सीएम ने ऐसे समाज सेवकों पर भी तंज कसा। सीएम का ये बयान भी जमकर ट्रोल हो रहा है और लोग अलग-अलग प्रकार से अपने विचार दे रहे हैं।