शिलांग। मेघालय विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष चाल्र्स पीनग्रोप (Former Speaker of the Meghalaya Legislative Assembly, Charles Peingrop) सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष चुने गये। पीनग्रोप समेत 12 विधायकों ने हाल में कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। 

पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष का निर्वाचन कोलकाता में हुआ। इस मौके पर तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी (Trinamool Congress supremo Mamata Banerjee) और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी (Party General Secretary Abhishek Banerjee) मौजूद थे। मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा (Former Meghalaya Chief Minister Mukul Sangma) पहले ही तृणमूल कांग्रेस पार्टी की संसदीय दल के नेता चुने जा चुके हैं। वहीं उमरोई विधायक जॉर्ज बी लिंगदोह को विपक्ष का मुख्य सचेतक और मावसिनरम के विधायक हिमालय एम शांगप्लियांग को सचिव चुना गया।

इस मौके पर पीनग्रोप ने कहा कि विधायकों के राज्य में लौटने के बाद पार्टी के अन्य पदाधिकारियों का चुनाव किया जायेगा। यह पूछे जाने पर कि क्या विधानसभा अध्यक्ष मेथबा ङ्क्षलगदोह ने कांग्रेस के 12 विधायकों के तृणमूल कांग्रेस में औपचारिक विलय को मान्यता दी है , उन्होंने कहा कि सभी 12 विधायकों ने अध्यक्ष से उनके कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर विलय संबंधी पत्र सौँप दिया है और अध्यक्ष इस पर एक-दो दिन में अपना फैसला देंगे। 

उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष अपना फैसला देने के लिए कानूनी विशेषज्ञों से सलाह मशविरा कर रहे हैं। अगर वह विलय के लिए मंजूरी देते हैं तो तृणमूल कांग्रेस 60 सदस्यीय विधानसभा में मुख्य विपक्षी पार्टी होगी।